मुंबई। फेड चेयरमैन के इस सप्ताह जैक्सन होल सिम्पोजियम में होने वाले भाषण से पहले मंगलवार को डॉलर इंडेक्स में स्थिरता रही। डॉलर इंडेक्स 98.837 पर 0.08 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर USDINR 27 अगस्त वायदा 95.3975 पर 0.30 प्रतिशत घटकर बंद हुआ।
पृथ्वी फिनमार्ट के कमोडिटी डाइरेक्टर मनोज कुमार जैन का कहना है कि कमजोर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों के कारण डॉलर इंडेक्स अपनी पिछली बढ़त कायम नहीं रख सका और फिर कमजोर हुआ। अगस्त में अमेरिकी सीबी कंज्यूमर कॉन्फिडेंस घटकर 89.4 पर आ गया, जबकि जुलाई में यह 90.8 था। जुलाई में नए घरों की बिक्री भी 10.5 प्रतिशत घट गई। कमजोर आर्थिक आंकड़ों ने डॉलर इंडेक्स की तेजी को सीमित किया और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में भी गिरावट आई। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की उम्मीद से कच्चे तेल में बिकवाली हुई, जिससे डॉलर इंडेक्स पर दबाव बढ़ा। बाजार अब फेड चेयरमैन के भाषण से आगे की दिशा के संकेत तलाश रहा है।
इस सप्ताह डॉलर इंडेक्स में उतार चढ़ाव बने रहने की संभावना है। वैश्विक वित्तीय बाजारों, कच्चे तेल और भू राजनीतिक घटनाक्रम की अस्थिरता के बीच डॉलर इंडेक्स 97.70 से 99.85 के दायरे में कारोबार कर सकता है। दूसरी ओर घरेलू शेयर बाजार में सुधार और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से रुपए को मजबूती मिली। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी ने भी रुपए को समर्थन दिया। रुपए में इस सप्ताह 94.8500 से 96.4500 का दायरा रह सकता है।
जैन का कहना है कि तकनीकी आधार पर USDINR 27 अगस्त वायदा अत्यधिक उतार चढ़ाव के बीच मुनाफावसूली का शिकार हुआ। दैनिक चार्ट पर यह 95.6200 के मूविंग एवरेज ट्रेंडलाइन सपोर्ट से नीचे कारोबार कर रहा है और RSI 50 के नीचे है। हालांकि MACD में सकारात्मक क्रॉसओवर बना हुआ है। सपोर्ट 95.2000 से 94.9400 और रेजिस्टेंस 95.6600 से 95.8800 है। इस सप्ताह 94.8500 से 96.4500 का दायरा संभव है। नई पोजीशन के लिए 95.0500 से 95.7400 के स्तरों पर नजर रखें। इस दायरे से किसी भी दिशा में ब्रेकआउट आगे की दिशा तय कर सकता है।



