मुंबई। डॉलर सूचकांक में मंगलवार को लगातार मजबूती देखने को मिली और यह 101 के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर गया। डॉलर सूचकांक 0.37 प्रतिशत की बढ़त के साथ 101.147 पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एकसचेंज में डॉलर-रुपया 25 जून वायदा अनुबंध भी 0.14 प्रतिशत की तेजी के साथ 94.7450 पर बंद हुआ।
पृथ्वी फिनमार्ट के कमोडिटी डाइरेक्टर मनोज कुमार जैन का कहना है कि फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती उम्मीदों के कारण डॉलर को लगातार समर्थन मिल रहा है। फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) की बैठक के नतीजों के बाद बाजार में यह धारणा मजबूत हुई है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक आगे भी सख्त मौद्रिक नीति बनाए रख सकता है। इसी वजह से अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में भी तेजी आई है, जिससे डॉलर सूचकांक को अतिरिक्त मजबूती मिली है।
वैश्विक वित्तीय बाजारों में जारी बिकवाली भी निवेशकों को सुरक्षित निवेश के रूप में अमेरिकी डॉलर की ओर आकर्षित कर रही है। डॉलर सूचकांक फिलहाल 101.85 के महत्वपूर्ण ब्रेकआउट स्तर के करीब पहुंच चुका है। यदि यह इस स्तर के ऊपर बंद होता है तो आने वाले कारोबारी सत्रों में और मजबूती देखने को मिल सकती है। इस सप्ताह जारी होने वाले अमेरिका के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) और कोर पीसीई मूल्य सूचकांक के आंकड़े डॉलर की अगली दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि इस सप्ताह वैश्विक वित्तीय बाजारों में उतार-चढ़ाव, कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता तथा अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली शांति वार्ता के अगले दौर के कारण डॉलर सूचकांक में तेज हलचल बनी रह सकती है। डॉलर सूचकांक के 99.20 से 101.85 के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
दूसरी ओर घरेलू शेयर बाजारों में बिकवाली और डॉलर की मजबूती के कारण रुपये पर दबाव बना हुआ है। डॉलर सूचकांक के 101 के ऊपर पहुंचने से दुनिया की अधिकांश प्रमुख मुद्राओं में कमजोरी आई है। उभरते बाजारों के शेयर बाजारों में व्यापक बिकवाली का असर भी रुपए पर पड़ रहा है।
विश्लेषकों के अनुसार इस सप्ताह डॉलर सूचकांक में उतार-चढ़ाव, घरेलू शेयर बाजारों की चाल और अमेरिका के महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों से पहले रुपया भी अस्थिर रह सकता है। डॉलर-रुपया विनिमय दर के 93.20 से 95.55 के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
जैन का कहना है कि तकनीकी दृष्टिकोण से देखें तो डॉलर-रुपया 25 जून वायदा अनुबंध में तेजी का रुख बना हुआ है। दैनिक चार्ट पर यह पेयर 94.7200 के चलायमान औसत आधारित समर्थन स्तर के ऊपर कारोबार कर रहा है, हालांकि आरएसआई अभी भी 50 के स्तर से नीचे बना हुआ है। वहीं एमएसीडी दैनिक चार्ट पर नकारात्मक क्रॉसओवर दिखा रहा है।
जैन का कहना है कि तकनीकी चार्ट के अनुसार हाल के निचले स्तरों से सुधार देखने को मिला है, लेकिन बाजार में अभी पूरी तरह मजबूती की पुष्टि नहीं हुई है। डॉलर-रुपया वायदा का निकटतम सपोर्ट 94.4000 से 94.1000 के बीच है, जबकि रेजिस्टेंस 95.0500 से 95.3500 के बीच देखा जा रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह पेयर फिलहाल 94.7200 के सपोर्ट स्तर के ऊपर टिके रहने में सफल रहा है और इस सप्ताह 93.20 से 95.55 के दायरे में कारोबार कर सकता है। पिछली रिपोर्ट में भी बताया गया था कि डॉलर-रुपया पेयर अत्यधिक बिकवाली वाले क्षेत्र में पहुंच चुका है और 95.1500 के निकट रेस्टिेंस स्तर को दोबारा टेस्ट कर सकता है। इसके बाद इसने 94.9225 का उच्च स्तर भी बनाया। जिन निवेशकों ने खरीद की स्थिति बना रखी है, उन्हें 95.1500 के आसपास मुनाफावसूली करने की सलाह दी गई है।



