मुंबई। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में सोमवार को डॉलर इंडेक्स सीमित दायरे में कारोबार करता रहा। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच डॉलर इंडेक्स 0.05 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 99.842 पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर 27 अगस्त समाप्ति वाला डॉलर रुपए वायदा अनुबंध 0.06 प्रतिशत की गिरावट के साथ 95.5450 पर बंद हुआ।
पृथ्वी फिनमार्ट के कमोडिटी डाइरेक्टर मनोज कुमार जैन का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता को लेकर अनिश्चितता के कारण डॉलर इंडेक्स को कुछ समर्थन मिला। वहीं अमेरिकी शेयर बाजार में मजबूत तेजी ने भी डॉलर की मांग को बनाए रखा। हालांकि बैंक ऑफ जापान द्वारा जापानी येन को समर्थन देने के लिए किए गए हस्तक्षेप के कारण डॉलर इंडेक्स ऊपरी स्तरों पर दबाव में बना हुआ है।
कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी से महंगाई संबंधी चिंताएं कुछ कम हुई हैं। इससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंकाएं भी कमजोर हुई हैं, जिसके कारण डॉलर इंडेक्स की तेजी सीमित रही।
विश्लेषकों का मानना है कि इस सप्ताह वैश्विक वित्तीय बाजारों में उतार चढ़ाव, कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव और भू राजनीतिक घटनाक्रम के कारण डॉलर इंडेक्स में अस्थिरता बनी रह सकती है। इसके 98.8500 से 101.4000 के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
दूसरी ओर घरेलू शेयर बाजार में मजबूती और कच्चे तेल में मुनाफावसूली के कारण रुपए को समर्थन मिला। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक भी भारतीय शेयर बाजार में शुद्ध खरीदार बने हुए हैं, जिससे रुपए की स्थिति मजबूत हुई है।
हालांकि अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में मजबूती और बढ़ते आयात बिल के कारण रुपए की बढ़त सीमित रह सकती है। इस सप्ताह डॉलर रुपए विनिमय दर 94.7000 से 96.4500 के दायरे में रहने का अनुमान है।
जैन का कहना है कि तकनीकी विश्लेषण के अनुसार 27 अगस्त समाप्ति वाला डॉलर रुपए वायदा अनुबंध लगातार दबाव में बना हुआ है। दैनिक चार्ट पर यह 95.9200 की मूविंग एवरेज ट्रेंड लाइन के नीचे कारोबार कर रहा है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 50 के नीचे बना हुआ है, जबकि एमएसीडी पर नेगेटिव क्रॉसओवर कमजोरी का संकेत दे रहा है।
तकनीकी स्तरों की बात करें तो डॉलर रुपए वायदा में 95.3500 और 95.0800 प्रमुख सपोर्ट स्तर हैं। वहीं 95.8000 और 96.0500 महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस स्तर माने जा रहे हैं। जब तक भाव 95.9200 के नीचे बना रहता है, तब तक कमजोरी का रुख जारी रह सकता है। इस सप्ताह इसके 94.7000 से 96.4500 के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
जैन का कहना है कि पिछले सप्ताह 95.6000 के नीचे बिकवाली की सलाह दी गई थी, जिसमें वायदा अनुबंध 95.1975 तक फिसलकर पहला लक्ष्य हासिल कर चुका है। जिन कारोबारियों के पास अभी भी शॉर्ट पोजीशन है, उन्हें 95.8500 के ऊपर स्टॉप लॉस बनाए रखते हुए 95.2000 से 95.0000 के दायरे में पूरी मुनाफावसूली करने की सलाह दी गई है।



