मुंबई। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में मंगलवार को डॉलर इंडेक्स मामूली कमजोरी के साथ बंद हुआ। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की उम्मीद तथा कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के कारण डॉलर पर दबाव बना रहा। डॉलर इंडेक्स 0.11 प्रतिशत की गिरावट के साथ 99.735 पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर 27 अगस्त समाप्ति वाला डॉलर रुपए वायदा अनुबंध 0.09 प्रतिशत घटकर 95.4575 पर बंद हुआ।
पृथ्वी फिनमार्ट के कमोडिटी डाइरेक्टर मनोज कुमार जैन का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की संभावना से कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई। डब्ल्यूटीआई कच्चा तेल 75 डॉलर प्रति बैरल से नीचे फिसल गया, जिससे महंगाई का दबाव कम हुआ और डॉलर इंडेक्स की तेजी सीमित रही।
इसके अलावा अमेरिका में जेओएलटीएस जॉब ओपनिंग्स के आंकड़े घटकर 73.60 लाख रह गए, जिससे श्रम बाजार में नरमी के संकेत मिले। अमेरिकी शेयर बाजार में मजबूत तेजी और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में नरमी ने भी डॉलर इंडेक्स को ऊपरी स्तरों पर दबाव में रखा।
विश्लेषकों का मानना है कि इस सप्ताह वैश्विक वित्तीय बाजारों में उतार चढ़ाव, कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव और पश्चिम एशिया के भू राजनीतिक घटनाक्रम के कारण डॉलर इंडेक्स में अस्थिरता बनी रह सकती है। इसके 98.8500 से 101.4000 के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
दूसरी ओर कच्चे तेल और डॉलर इंडेक्स में मुनाफावसूली से भारतीय रुपए को मजबूती मिली। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की लगातार खरीदारी ने भी रुपए को समर्थन दिया। इसके अलावा भारतीय रिजर्व बैंक की एफसीएनआर जमा योजना के तहत भारतीय बैंकों को रिकॉर्ड विदेशी मुद्रा जमा प्राप्त हुई है, जिससे भी रुपए को अतिरिक्त मजबूती मिली।
हालांकि डॉलर इंडेक्स में उतार चढ़ाव, घरेलू शेयर बाजार की चाल और पश्चिम एशिया से जुड़े घटनाक्रम के कारण रुपए में भी अस्थिरता बनी रह सकती है। इस सप्ताह डॉलर रुपए विनिमय दर 94.7000 से 96.4500 के दायरे में रहने का अनुमान है।
जैन का कहना है कि तकनीकी विश्लेषण के अनुसार 27 अगस्त समाप्ति वाला डॉलर रुपए वायदा अनुबंध लगातार दबाव में बना हुआ है। दैनिक चार्ट पर यह 95.7800 की मूविंग एवरेज ट्रेंड लाइन के नीचे कारोबार कर रहा है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 50 के नीचे बना हुआ है, जबकि एमएसीडी पर नेगेटिव क्रॉसओवर कमजोरी का संकेत दे रहा है।
तकनीकी स्तरों की बात करें तो डॉलर रुपए वायदा में 95.0800 और 94.8500 प्रमुख समर्थन स्तर हैं। वहीं 95.7000 और 96.0000 महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस स्तर माने जा रहे हैं। जब तक भाव 95.7800 के नीचे बना रहता है, तब तक कमजोरी का रुख जारी रह सकता है। इस सप्ताह इसके 94.7000 से 96.4500 के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
जैन का कहना है कि पिछले सप्ताह 95.6000 के नीचे बिकवाली की सलाह दी गई थी, जिसके बाद वायदा अनुबंध 95.1975 तक फिसलकर पहला लक्ष्य हासिल कर चुका है। जिन कारोबारियों के पास अभी भी शॉर्ट पोजीशन है, उन्हें 95.8500 के ऊपर स्टॉप लॉस बनाए रखते हुए 95.2000 से 95.0000 के दायरे में पूरी मुनाफावसूली करने की सलाह दी गई है।



