मुंबई। उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बीच डॉलर इंडेक्स में शुक्रवार को दोबारा तेजी आई। डॉलर इंडेक्स 0.21 प्रतिशत बढ़कर 101.65 पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर USD-INR का 28 अक्टूबर वायदा अनुबंध भी 0.12 प्रतिशत चढ़कर 94.9675 पर बंद हुआ।
पृथ्वी फिनमार्ट के कमोडिटी डाइरेक्टर मनोज कुमार जैन का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक वार्ता को लेकर अनिश्चितता के कारण डॉलर इंडेक्स में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। पश्चिम एशिया में संघर्ष बढ़ने के बीच कच्चे तेल की कीमतें पांच महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गईं। कच्चे तेल में तेजी ने डॉलर इंडेक्स को समर्थन दिया। अमेरिकी मध्यावधि चुनाव और फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की बैठकों से पहले वैश्विक वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता के कारण सुरक्षित निवेश के रूप में अमेरिकी डॉलर की मांग भी बढ़ी।
इस सप्ताह वैश्विक वित्तीय बाजारों और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, एफओएमसी की बैठक तथा भू-राजनीतिक तनाव के कारण डॉलर इंडेक्स में अस्थिरता बने रहने की उम्मीद है। इसके 100.55 से 102.85 के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
दूसरी ओर, डॉलर इंडेक्स में रिकवरी और घरेलू शेयर बाजारों में भारी बिकवाली के बीच रुपए में गिरावट जारी रही। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में कमी रुपए पर दबाव डाल रही हैं। इस सप्ताह डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव, घरेलू शेयर बाजारों की चाल और भू-राजनीतिक तनाव के कारण रुपए में भी अस्थिरता रहने की उम्मीद है। USD-INR जोड़ी 94.0500 से 96.1500 के दायरे में कारोबार कर सकती है।
तकनीकी विश्लेषण: जैन का कहना है कि USD-INR का 28 अक्टूबर वायदा अनुबंध बढ़त के साथ आगे बढ़ा। दैनिक तकनीकी चार्ट पर यह पेयर 95.0500 के मूविंग एवरेज ट्रेंडलाइन सपोर्ट स्तर से नीचे कारोबार कर रहा है। आरएसआई 40 के स्तर से नीचे है। एमएसीडी भी दैनिक चार्ट पर नकारात्मक क्रॉसओवर दिखा रहा है। हालांकि, निचले स्तरों से जोड़ी में रिकवरी देखने को मिली है।
दैनिक तकनीकी चार्ट के अनुसार, पेयर के लिए 94.7000 से 94.4500 के स्तर पर सपोर्ट है, जबकि 95.1500 से 95.4000 के स्तर पर रेजिस्टेंस है। पेयर 95.0500 के सपोर्ट स्तर से नीचे कारोबार कर रहा है और इस सप्ताह इसके 94.0500 से 96.1500 के दायरे में रहने की संभावना है।
नई पोजीशन लेने के लिए 94.7000 से 95.1500 के स्तरों पर करीबी नजर रखने की सलाह दी गई है। इस दायरे के किसी भी तरफ ब्रेकआउट होने पर बाजार को आगे की दिशा मिल सकती है।



