बिटकॉइन इस सप्ताह करीब 64,100 डॉलर के आसपास कारोबार करता नजर आया और 200 सप्ताह की सिंपल मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है। हालांकि बाजार में अनिश्चितता के बीच तेजी की राह आसान नहीं है। अमेरिकी स्पॉट बिटकॉइन ईटीएफ में गुरुवार तक 754.69 मिलियन डॉलर का निवेश आया है, जो संस्थागत निवेशकों की मांग में सुधार का संकेत देता है।
बड़े बिटकॉइन धारकों की खरीदारी भी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है। क्रिप्टोक्वांट के अनुसार बड़े धारकों के पास बिटकॉइन की मात्रा इस साल बढ़ी है और खासकर जून में कीमत 60,000 डॉलर से नीचे आने पर खरीदारी तेज हुई। इससे संकेत मिलता है कि बड़े निवेशक गिरावट को खरीदारी के अवसर के रूप में देख रहे हैं।
हालांकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बढ़ते तनाव ने जोखिम वाली परिसंपत्तियों पर दबाव बढ़ाया है। अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता को लेकर अनिश्चितता और पश्चिम एशिया में संघर्ष बढ़ने की आशंका बिटकॉइन की तेजी को सीमित कर सकती है। तेल की कीमतों और भू राजनीतिक घटनाक्रम पर भी बाजार की नजर रहेगी।
अमेरिका के जुलाई के नॉन फार्म पेरोल में 23,000 की गिरावट आई, जबकि बाजार को 80,000 की बढ़ोतरी की उम्मीद थी। बेरोजगारी दर 4.1 प्रतिशत रही और औसत प्रति घंटा आय की सालाना वृद्धि घटकर 3.2 प्रतिशत हो गई। कमजोर रोजगार आंकड़ों से फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों में बदलाव आ सकता है, जिसका असर बिटकॉइन पर भी पड़ सकता है।
तकनीकी तौर पर 63,776 डॉलर का 200 सप्ताह का औसत बिटकॉइन के लिए अहम सपोर्ट है। यदि कीमत इस स्तर के ऊपर बनी रहती है और 65,520 डॉलर के रेजिस्टेंस को पार कर लेती है तो 78,490 डॉलर की ओर तेजी का रास्ता खुल सकता है। दूसरी ओर 63,776 डॉलर के नीचे साप्ताहिक बंद होने पर कीमत 60,000 डॉलर के आसपास पहुंच सकती है।
अभी बिटकॉइन में तेजी और मंदी दोनों के संकेत मौजूद हैं। इसलिए आने वाले दिनों में 63,776 डॉलर का सपोर्ट और 65,520 डॉलर का रेजिस्टेंस य बाजार की अगली दिशा तय करने में महत्वपूर्ण रहेंगे।



