मुंबई। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में बुधवार को डॉलर इंडेक्स लगातार दबाव में रहा। अमेरिका से आए कमजोर रोजगार आंकड़ों और अमेरिका ईरान शांति समझौते की उम्मीदों के कारण डॉलर इंडेक्स 0.18 प्रतिशत गिरकर 99.560 पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर 27 अगस्त समाप्ति वाला डॉलर रुपए वायदा अनुबंध 0.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 95.2175 पर बंद हुआ।
पृथ्वी फिनमार्ट के कमोडिटी डाइरेक्टर मनोज कुमार जैन का कहना है कि अमेरिका में एडीपी निजी रोजगार रिपोर्ट के अनुसार जुलाई में केवल 44,000 नई नौकरियां सृजित हुईं, जबकि बाजार को 68,000 नई नौकरियों की उम्मीद थी। इसके अलावा जेओएलटीएस जॉब ओपनिंग्स के आंकड़े भी उम्मीद से कमजोर रहे। इन आंकड़ों के बाद अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंकाएं और कम हो गईं, जिससे डॉलर इंडेक्स पर दबाव बढ़ गया।
अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की उम्मीद तथा कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट के कारण सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर की मांग भी कमजोर पड़ी। इसका असर डॉलर इंडेक्स में लगातार गिरावट के रूप में देखने को मिला।
विश्लेषकों का मानना है कि इस सप्ताह वैश्विक वित्तीय बाजारों में उतार चढ़ाव, कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव और पश्चिम एशिया के भू राजनीतिक घटनाक्रम के कारण डॉलर इंडेक्स में अस्थिरता बनी रह सकती है। इसके 98.8500 से 101.4000 के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
दूसरी ओर कच्चे तेल और डॉलर इंडेक्स में मुनाफावसूली से भारतीय रुपए को मजबूती मिली। घरेलू शेयर बाजार में तेजी और भारतीय रिजर्व बैंक की एफसीएनआर जमा योजना में मजबूत विदेशी मुद्रा प्रवाह ने भी रुपए को अतिरिक्त समर्थन दिया।
हालांकि डॉलर इंडेक्स, घरेलू शेयर बाजार और भू राजनीतिक घटनाक्रम के कारण रुपए में भी उतार चढ़ाव बना रह सकता है। इस सप्ताह डॉलर रुपए विनिमय दर 94.7000 से 96.4500 के दायरे में रहने का अनुमान है।
जैन का कहना है कि तकनीकी विश्लेषण के अनुसार 27 अगस्त समाप्ति वाला डॉलर रुपए वायदा अनुबंध लगातार दबाव में बना हुआ है। दैनिक चार्ट पर यह 95.6200 की मूविंग एवरेज ट्रेंड लाइन के नीचे कारोबार कर रहा है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 40 के नीचे पहुंच गया है, जबकि एमएसीडी पर नेगेटिव क्रॉसओवर कमजोरी का संकेत दे रहा है।
तकनीकी स्तरों की बात करें तो डॉलर रुपए वायदा में 94.9400 और 94.7000 प्रमुख सपोर्ट स्तर हैं। वहीं 95.6000 और 95.8500 महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस स्तर माने जा रहे हैं। जब तक भाव 95.6200 के नीचे बना रहता है, तब तक कमजोरी का रुख जारी रह सकता है। इस सप्ताह इसके 94.7000 से 96.4500 के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
जैन का कहना है कि पिछले सप्ताह 95.6000 के नीचे बिकवाली की सलाह दी थी। इसके लिए 96.0500 के ऊपर स्टॉप लॉस और 95.2000 से 95.0000 का लक्ष्य दिया गया था। बुधवार को वायदा अनुबंध 94.9900 तक फिसल गया और दोनों लक्ष्य हासिल हो गए। अब सलाह दी गई है कि शॉर्ट पोजीशन में पूरा मुनाफा बुक करें और नई बिकवाली के लिए बाजार में किसी तकनीकी पुलबैक का इंतजार करें।



