मुंबई। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में शुक्रवार को डॉलर इंडेक्स पूरे कारोबारी सत्र के दौरान भारी उतार चढ़ाव के बीच मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। डॉलर इंडेक्स 0.07 प्रतिशत बढ़कर 99.79 पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर 27 अगस्त समाप्ति वाला डॉलर रुपए वायदा अनुबंध 0.29 प्रतिशत घटकर 95.5975 पर बंद हुआ।
पृथ्वी फिनमार्ट के कमोडिटी डाइरेक्टर मनोज कुमार जैन का कहना है कि पिछले सप्ताह अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को 3.75 प्रतिशत पर स्थिर रखने और अमेरिका की दूसरी तिमाही की आर्थिक वृद्धि दर उम्मीद से कमजोर रहने के कारण डॉलर इंडेक्स पर दबाव बना रहा। दूसरी तिमाही में अमेरिकी सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर घटकर 1.5 प्रतिशत रही, जबकि बाजार को 2.1 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद थी। कमजोर आर्थिक आंकड़ों के कारण डॉलर इंडेक्स में गिरावट देखने को मिली।
इसके अलावा जापानी येन को मजबूती देने के लिए बैंक ऑफ जापान के हस्तक्षेप ने भी डॉलर इंडेक्स को नीचे खींचा। हालांकि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने डॉलर इंडेक्स को निचले स्तरों पर कुछ समर्थन दिया।
विश्लेषकों का मानना है कि इस सप्ताह वैश्विक वित्तीय बाजारों की चाल, कच्चे तेल की कीमतों में उतार चढ़ाव और भू राजनीतिक घटनाक्रम के कारण डॉलर इंडेक्स में तेज अस्थिरता बनी रह सकती है। इसके 98.85 से 101.40 के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
दूसरी ओर घरेलू शेयर बाजार में सुधार और डॉलर इंडेक्स में मुनाफावसूली के कारण रुपए को मजबूती मिली। पिछले सप्ताह विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक भी भारतीय शेयर बाजार में शुद्ध खरीदार रहे, जिससे रुपए को अतिरिक्त समर्थन मिला।
हालांकि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और महंगाई की बढ़ती चिंताएं रुपए की मजबूती को सीमित कर सकती हैं। विश्लेषकों के अनुसार इस सप्ताह डॉलर इंडेक्स, घरेलू शेयर बाजार और वैश्विक भू राजनीतिक घटनाक्रम की दिशा के आधार पर डॉलर रुपए विनिमय दर 94.7000 से 96.4500 के दायरे में रह सकती है।
जैन का कहना है कि तकनीकी विश्लेषण के अनुसार 27 अगस्त समाप्ति वाला डॉलर रुपए वायदा अनुबंध लगातार दबाव में बना हुआ है। दैनिक चार्ट पर यह 96.0500 की मूविंग एवरेज ट्रेंड लाइन के नीचे कारोबार कर रहा है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 50 के नीचे बना हुआ है, जबकि एमएसीडी पर नेगेटिव क्रॉसओवर कमजोरी का संकेत दे रहा है।
तकनीकी स्तरों की बात करें तो डॉलर रुपए वायदा में 95.3500 और 95.0800 प्रमुख सपोर्ट स्तर हैं। वहीं 95.8500 और 96.0500 महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस स्तर माने जा रहे हैं। जब तक भाव 96.0500 के नीचे बना रहता है, तब तक कमजोरी का रुख जारी रह सकता है।
जैन का कहना है कि विश्लेषकों की सलाह है कि नई ट्रेडिंग पोजीशन लेने से पहले 95.6000 और 96.1800 के स्तरों पर विशेष नजर रखें। जिन कारोबारियों ने 95.6000 के नीचे शॉर्ट पोजीशन बनाई हुई है, वे 96.0500 के ऊपर स्टॉप लॉस बनाए रखें और 95.2000 से 95.0000 के दायरे में मुनाफावसूली करने पर विचार करें।



