कब होता है ट्रेडिंग में नुकसान

कब होता है ट्रेडिंग में नुकसान

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बाजार में ट्रेडिंग कर रहे जातकों में बहुत से ऐसे जातक भी होते हैं, जिन्‍हें न केवल बाजार की अच्‍छी समझ होती है, बल्कि वे जब भी बाजार के बारे में अपना कोई पूर्वानुमान बताते हैं तो उनका पूर्वानुमान गजब की सटीकता के साथ फलित होता है। इसके बावजूद ये जातक जब खुद ट्रेडिंग करने बैठते हैं तो नुकसान लेकर उठते हैं। ऐसा क्‍यों होता है?

इस पहेली को समझने के लिए पहले हमें जानना होगा कि बाजार में ट्रेडिंग कौन कर सकता है और कौन नहीं, अगर ट्रेडिंग करने की क्षमता है तो लाभ देने वाले ग्रह कौनसे हैं और नुकसान देने वाले ग्रह कौनसे हैं। किस दिन ट्रेडिंग करनी चाहिए और किस दिन बाजार से सावधानीपूर्वक दूरी बनाकर रखनी चाहिए।

ट्रेडिंग कौन कर सकता है? : जिस जातक की कुण्‍डली में पंचम और एकादश भाव बहुत ही मजबूत हो और चंद्रमा एवं मंगल ग्रह प्रभावी हों वही जातक ट्रेडिंग कर सकता है। चाहे शेयर बाजार हो या कमोडिटी बाजार, दोनों में ट्रेडिंग की समझ गुरु से आती है और ट्रेडिंग करने की क्षमता बुध से आती है। गुरु उतार चढ़ाव की समझ देता है और बुध गणनाओं की। इन दोनों की अनुकूलता हमें बाजार तो समझा देती है, लेकिन सौदा करने की हिम्‍मत हमें मंगल देता है और अपने किए गए सौदे के साथ खड़े रहने या समय पर निकल जाने की समझ चंद्रमा देता है। पंचम भाव बांड अथवा डील का होता है और एकादश भाव लाभ का होता है। यह सभी अनुकूल होने पर ही कोई जातक ट्रेडिंग में नियमित रूप से लाभ ले पाता है।

पंचम भाव मजबूत हो तो जातक में दांव लगाने की प्रवृत्ति होगी, अन्‍यथा नहीं। अगर किसी जातक की कुण्‍डली में गुरु अनुकूल न हो तो जातक बाजार को ठीक प्रकार समझ नहीं पाएगा। अगर बुध अनुकूल न हो तो बाजार की समझ होने के बावजूद सही प्रकार से गणनाएं नहीं कर पाएगा। मंगल अनुकूल न हो तो बाजार की समझ और सटीक गणनाएं होने बावजूद दांव लगाने की हिम्‍मत नहीं कर पाएगा।

अगर चंद्रमा क्षीण हो और शेष सभी अनुकूलताएं हों यानी गुरु से बाजार का सही अनुमान, बुध से सटीक गणनाएं, मंगल से दांव लगाने का हौसला होने के बावजूद अपने ही किए सौदे के प्रति जातक का विश्‍वास डोल जाता है और गलत समय पर सौदा तोड़ देता है, परिणाम यह होता है कि सबकुछ सही होने पर भी या तो लाभ बहुत कम रह जाता है अथवा नुकसान हासिल करता है।

इसके साथ ही यह भी ध्‍यान रखना चाहिए कि हर जातक का प्रत्‍येक दिन अनुकूल नहीं होता, लेकिन बाजार तो रोज खुलता है और रोजाना सौदे होते हैं। ऐसे में जातक को ध्‍यान रखना चाहिए कि प्रत्‍येक दिन सौदा करने का नहीं होता है। कौनसे दिन सौदा करने के हो सकते हैं, यह पता करने के दो तरीके हैं।

राशि आधारित अनुकूलता : जन्‍म राशि से चतुर्थ, अष्‍टम एवं द्वादश भावगत चंद्रमा गोचर हो तो जातक भी जातक को सौदा करने से बचना चाहिए। प्रत्‍येक राशि में चंद्रमा सवा दो दिन तक रहता है। इस प्रकार महीने में करीब छह दिन ऐसे होते हैं जब ट्रेडिंग करने पर हानि होने की आशंका प्रबल रहेगी। दूसरी ओर जन्‍मराशि से चंद्रमा द्वितीय, पंचम और एकादश होने पर लाभ होने की संभावना सर्वाधिक होगी।

नक्षत्र आधारित अनुकूलता : कुल 27 नक्षत्र होते हैं। आपके जन्‍म नक्षत्र से एक, तीन, पांच, सात आदि नक्षत्र होने पर अपेक्षाकृत प्रतिकूलता रहेगी और द्वितीय, चतुर्थ, षष्‍ठ होने पर अनुकूलता रहेगी। एक एक नक्षत्र का स्‍वतंत्र रूप से पता करने से बेहतर है कि नक्षत्र का चार्ट बना लिया जाए और दो या तीन आवृत्ति तक उन नक्षत्रों में होने वाले लाभ और हानि को नोट करते जाएं। इससे आपको स्‍वयं अनुमान हो जाएगा कि कौनसा नक्षत्र अनुकूल है और किस नक्षत्र में ट्रेडिंग नहीं करनी है, इससे हानि कम होती जाएगी और लाभ की संभावनाएं बढ़ती चली जाएंगी।

सिद्धार्थ जगन्‍नाथ जोशी–+919413156400

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