मुंबई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोमवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक से पहले डॉलर इंडेक्स सीमित दायरे में कारोबार करता रहा। दिन के ऊपरी स्तरों से फिसलने के बावजूद डॉलर इंडेक्स 0.08 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 101.384 पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर 29 जुलाई समाप्ति वाले डॉलर रुपए वायदा अनुबंध में 0.63 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई और यह 95.9150 पर बंद हुआ।
पृथ्वी फिनमार्ट के कमोडिटी डाइरेक्टर मनोज कुमार जैन का कहना है कि सोमवार को अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के संकेत मिलने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई। ब्रेंट क्रूड का भाव घटकर लगभग 85 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। हालांकि इस सप्ताह होने वाली फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की बैठक से पहले निवेशक सतर्क बने हुए हैं, जिससे डॉलर इंडेक्स को निचले स्तरों पर समर्थन मिल रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस सप्ताह वैश्विक वित्तीय बाजारों में उतार चढ़ाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी मंदी, भू राजनीतिक घटनाक्रम और फेड की मौद्रिक नीति से जुड़े फैसलों के कारण डॉलर इंडेक्स में ऊंची अस्थिरता बनी रह सकती है। इस सप्ताह इसके 100.40 से 102.55 के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
घरेलू स्तर पर रुपए को शेयर बाजार में सुधार और कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट का समर्थन मिला। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने से तेल की कीमतों में आई नरमी ने महंगाई संबंधी चिंताओं को कम किया है, जिससे रुपये सहित अधिकांश उभरते बाजारों की मुद्राओं को मजबूती मिली है।
विश्लेषकों के अनुसार इस सप्ताह डॉलर इंडेक्स की चाल, घरेलू शेयर बाजारों की दिशा और वैश्विक भू राजनीतिक घटनाक्रम रुपये की चाल तय करेंगे। डॉलर रुपये की विनिमय दर 95.08 से 97.00 के दायरे में रह सकती है।
जैन का कहना है कि तकनीकी विश्लेषण के अनुसार 29 जुलाई समाप्ति वाला डॉलर रुपए वायदा अनुबंध पिछले सत्र की बढ़त को कायम नहीं रख सका और दोबारा कमजोरी के साथ बंद हुआ। दैनिक चार्ट पर यह अपनी 96.3500 की मूविंग एवरेज ट्रेंड लाइन के नीचे कारोबार कर रहा है। हालांकि रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स अभी भी 50 के ऊपर बना हुआ है, जो सीमित मजबूती का संकेत देता है। वहीं एमएसीडी पर सकारात्मक क्रॉसओवर दिखाई दे रहा है, लेकिन कीमत महत्वपूर्ण समर्थन स्तर के नीचे फिसल चुकी है।
जैन का कहना है कि तकनीकी स्तरों की बात करें तो डॉलर रुपए वायदा में 95.60 और 95.20 प्रमुख सपोर्ट स्तर हैं, जबकि 96.08 और 96.35 महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस स्तर माने जा रहे हैं। चूंकि भाव 96.35 के नीचे कारोबार कर रहा है, इसलिए फिलहाल जल्दबाजी में नई खरीदारी से बचने की सलाह दी गई है। विश्लेषकों का कहना है कि पिछले सप्ताह 96.66 से 97.00 के स्तर पर लंबी खरीदारी वाले सौदों में मुनाफावसूली की सलाह पहले ही दी जा चुकी थी। अब नए खरीदारी के सौदे शुरू करने से पहले और गिरावट का इंतजार करना बेहतर रहेगा।



