मुंबई। डॉलर इंडेक्स में पिछले सप्ताह काफी उतार चढ़ाव देखने को मिला और यह अपनी पिछली बढ़त को कायम नहीं रख सका। शुक्रवार को डॉलर इंडेक्स 99.54 पर 0.32 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। वहीं एनएसई पर USD INR 27 अगस्त वायदा 95.4500 पर 0.01 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ।
पृथ्वी फिनमार्ट के कमोडिटी डाइरेक्टर मनोज कुमार जैन का कहना है कि मिले जुले अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों के बाद फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका कम हुई, जिससे डॉलर इंडेक्स पर दबाव बढ़ा। यूरो और अन्य प्रमुख मुद्राओं में तेजी से भी डॉलर इंडेक्स नीचे आया। हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में फिर तेजी और अमेरिका तथा ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर अनिश्चितता ने निचले स्तरों पर डॉलर को समर्थन दिया। इस सप्ताह वैश्विक वित्तीय बाजारों, कच्चे तेल की कीमतों और भू राजनीतिक घटनाक्रम में उतार चढ़ाव के बीच डॉलर इंडेक्स में अस्थिरता बनी रहने की उम्मीद है। डॉलर इंडेक्स के 98.55 से 100.35 के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
दूसरी ओर रुपए में पिछले सप्ताह सीमित दायरे में कारोबार हुआ। डॉलर इंडेक्स में कमजोरी से रुपए को समर्थन मिला, लेकिन कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और घरेलू शेयर बाजार में कमजोरी ने रुपए की बढ़त को सीमित किया। इस सप्ताह डॉलर इंडेक्स, घरेलू शेयर बाजार और भू राजनीतिक घटनाक्रम में उतार चढ़ाव के बीच रुपए में भी अस्थिरता रहने की उम्मीद है। USD INR 27 अगस्त वायदा 94.5500 से 96.5500 के दायरे में कारोबार कर सकता है।
जैन का कहना है कि तकनीकी रूप से USD INR 27 अगस्त वायदा पिछले सप्ताह सीमित दायरे में रहा। दैनिक चार्ट पर यह 95.3200 के मूविंग एवरेज ट्रेंड लाइन सपोर्ट के ऊपर कारोबार कर रहा है, जबकि RSI 50 के नीचे है। MACD में नकारात्मक क्रॉसओवर बना हुआ है। ऊपरी स्तरों पर जोड़ी को मजबूत रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है।
तकनीकी आधार पर सपोर्ट 95.1800 से 94.8500 और रेजिस्टेंस 95.7000 से 96.0000 पर है। जोड़ी 95.3200 के सपोर्ट के ऊपर है और इस सप्ताह 94.5500 से 96.5500 के दायरे में कारोबार कर सकती है।



