मुंबई। अत्यधिक उतार चढ़ाव वाले कारोबार में मंगलवार को डॉलर इंडेक्स 100 के स्तर को पार कर गया। डॉलर इंडेक्स 0.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ 100.160 पर बंद हुआ और आठ सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच गया। वहीं NSE पर USDINR 28 सितंबर वायदा 0.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 95.5825 पर बंद हुआ।
पृथ्वी फिनमार्ट के कमोडिटी डाइरेक्टर मनोज कुमार जैन का कहना है कि यूरो में कमजोर उपभोक्ता विश्वास आंकड़ों के बाद आई कमजोरी से डॉलर इंडेक्स को समर्थन मिला। फेड के सदस्यों ने महंगाई के जोखिम को दोहराते हुए ऊंची ब्याज दरों वाले माहौल का समर्थन किया, जिससे डॉलर मजबूत हुआ। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने डॉलर इंडेक्स की तेजी को सीमित किया। इस सप्ताह डॉलर इंडेक्स में वैश्विक वित्तीय बाजारों, कच्चे तेल और भू-राजनीतिक तनाव के कारण अस्थिरता बनी रह सकती है। डॉलर इंडेक्स 98.55 से 101.40 के दायरे में कारोबार कर सकता है।
दूसरी ओर, कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट से रुपए में मजबूती जारी रही। ब्रेंट क्रूड दो सप्ताह में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आया, जिससे रुपए को समर्थन मिला। हालांकि, घरेलू शेयर बाजार में कमजोरी और डॉलर इंडेक्स की मजबूती रुपए की बढ़त को सीमित कर सकती है। इस सप्ताह USDINR में 94.8000 से 96.6000 का दायरा देखने को मिल सकता है।
जैन का कहना है कि तकनीकी रूप से USDINR 28 सितंबर वायदा अत्यधिक अस्थिर कारोबार में गिरावट बढ़ाता दिखा। दैनिक चार्ट पर यह 95.7700 के मूविंग एवरेज ट्रेंडलाइन सपोर्ट से नीचे कारोबार कर रहा है। RSI 50 के ऊपर है, जबकि MACD में पॉजिटिव क्रॉसओवर बना हुआ है। हालांकि, 95.7700 के नीचे फिसलने से शॉर्ट टर्म में दबाव बढ़ा है।
USDINR का सपोर्ट 95.3500 से 95.0500 और रेजिस्टेंस 95.8000 से 96.0800 है। इस सप्ताह अपेक्षित दायरा 94.8000 से 96.6000 है। पहले दी गई रणनीति के अनुसार 95.6600 से 95.5000 के आसपास खरीदारी, 95.2200 के नीचे स्टॉप लॉस और 96.0500 से 96.3500 के लक्ष्य रखे गए थे। जिन ट्रेडर्स ने इस रणनीति के आधार पर खरीदारी की है, उन्हें दिए गए स्टॉप लॉस का सख्ती से पालन करने और लक्ष्य स्तरों पर मुनाफावसूली करने की सलाह है।



