सोना सिलेक्शन इंडिया का मेनबोर्ड IPO 17 सितंबर 2026 को खुलने जा रहा है और 21 सितंबर 2026 को बंद होगा। कंपनी ने IPO के लिए 94 से 99 रुपए प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। IPO में करीब 142 करोड़ रुपए के शेयर जारी किए जाएंगे। कंपनी के शेयरों की NSE और BSE पर लिस्टिंग 23 सितंबर 2026 को प्रस्तावित है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह पूरा IPO फ्रेश इश्यू है और इसमें ऑफर फॉर सेल यानी OFS शामिल नहीं है।
Sona Selection India IPO की मुख्य जानकारी: Sona Selection India IPO में 1.43 करोड़ इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। ऊपरी प्राइस बैंड 99 रुपए के हिसाब से इश्यू का आकार करीब 142 करोड़ रुपए बैठता है। शेयर का फेस वैल्यू 10 रुपए है। IPO बुक बिल्डिंग प्रक्रिया के जरिए लाया जा रहा है और कंपनी के शेयर NSE तथा BSE पर सूचीबद्ध होंगे।
IPO 17 सितंबर 2026 को खुलेगा और 21 सितंबर 2026 को बंद होगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार शेयरों का अलॉटमेंट 22 सितंबर को होगा। शेयरों की लिस्टिंग 23 सितंबर 2026 को प्रस्तावित है।
किस निवेशक के लिए कितने शेयर: IPO में QIB के लिए 20 प्रतिशत और रिटेल निवेशकों के लिए 35 प्रतिशत हिस्सा आरक्षित है। बाकी हिस्सा गैर संस्थागत निवेशकों और अन्य निर्धारित श्रेणियों के लिए रखा गया है।
एक लॉट में 150 शेयर हैं। 99 रुपए के ऊपरी प्राइस बैंड पर एक लॉट के लिए 14,850 रुपए लगाने होंगे। रिटेल निवेशक अधिकतम 13 लॉट यानी 1,950 शेयरों के लिए आवेदन कर सकता है। इसके लिए अधिकतम 1,93,050 रुपए की जरूरत होगी।
स्मॉल HNI के लिए न्यूनतम 14 लॉट यानी 2,100 शेयरों के लिए 2,07,900 रुपए और बड़े HNI के लिए न्यूनतम 68 लॉट यानी 10,200 शेयरों के लिए 10,09,800 रुपए का निवेश होगा।
कंपनी क्या कारोबार करती है: Sona Selection India राजस्थान के भीलवाड़ा स्थित टेक्सटाइल कारोबार से जुड़ी कंपनी है। कंपनी मुख्य रूप से फैशन और अपैरल उद्योग के लिए वैल्यू एडेड फैब्रिक का निर्माण और प्रोसेसिंग करती है। कंपनी का मुख्य मैन्युफैक्चरिंग और प्रोसेसिंग प्लांट हमीरगढ़, भीलवाड़ा में स्थित है।
कंपनी का कारोबार केवल कपड़ा बनाने तक सीमित नहीं है। यह ग्रेज फैब्रिक की खरीद से लेकर ब्लीचिंग, डाइंग, फिनिशिंग, क्वालिटी चेकिंग, ग्रेडिंग, पैकिंग और तैयार फैब्रिक की डिलीवरी तक की प्रक्रिया संभालती है। ग्रेज फैब्रिक कंपनी थर्ड पार्टी सप्लायर्स से खरीदती है, जबकि कुछ यार्न कन्वर्जन गतिविधियां बाहरी जॉब वर्कर्स के जरिए भी की जाती हैं।
कंपनी कॉटन फैब्रिक, कॉटन लाइक्रा फैब्रिक, कॉटन ब्लेंड, पॉलिएस्टर विस्कोस और अन्य पॉलिएस्टर आधारित फैब्रिक का उत्पादन और प्रोसेसिंग करती है। कंपनी की स्थापित प्रोसेसिंग क्षमता करीब 8.244 करोड़ मीटर सालाना बताई गई है।
कंपनी की वित्तीय स्थिति
Sona Selection India के वित्तीय प्रदर्शन में पिछले कुछ वर्षों में तेज वृद्धि दिखाई देती है। उपलब्ध वित्तीय आंकड़ों के अनुसार FY2024 में कंपनी का ऑपरेशनल राजस्व 120.98 करोड़ रुपए और शुद्ध लाभ 13.10 करोड़ रुपए था। FY2025 में राजस्व बढ़कर 315.95 करोड़ रुपए और शुद्ध लाभ 18.56 करोड़ रुपए हो गया। FY2026 में ऑपरेशनल राजस्व 516.95 करोड़ रुपए और शुद्ध लाभ 34.02 करोड़ रुपए रहा। यानी FY2024 से FY2026 के दौरान कंपनी के राजस्व और मुनाफे में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
FY2026 में कंपनी का EBITDA 84.77 करोड़ रुपए रहा और EBITDA मार्जिन करीब 16.40 प्रतिशत था। PAT मार्जिन 6.58 प्रतिशत रहा। कंपनी का ROE करीब 39.05 प्रतिशत और ROCE 19.69 प्रतिशत था। हालांकि कंपनी का डेट टू इक्विटी अनुपात 2.48 गुना रहा, जो बताता है कि कंपनी के कारोबार में कर्ज और वित्तीय लागत महत्वपूर्ण पहलू हैं।
IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल: कंपनी IPO से मिलने वाली रकम का एक बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में इस्तेमाल करेगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार करीब 80 करोड़ रुपए का इस्तेमाल कुछ उधारी के पूर्ण या आंशिक पुनर्भुगतान और प्रीपेमेंट के लिए किया जाएगा।
इसके अलावा करीब 50.61 करोड़ रुपए का इस्तेमाल राजस्थान के भीलवाड़ा स्थित हमीरगढ़ मैन्युफैक्चरिंग और प्रोसेसिंग प्लांट में प्लांट और मशीनरी खरीदने के लिए किया जाएगा। बाकी राशि सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल की जाएगी। कर्ज घटाने और मशीनरी में निवेश से कंपनी की बैलेंस शीट और उत्पादन क्षमता को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
प्रमोटर हिस्सेदारी: IPO से पहले कंपनी में प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी 86.21 प्रतिशत है। प्रमुख प्रमोटरों में Harshil Nuwal, Subhash Chandra Nuwal, Uma Nuwal, Deepank Bhandari और Sona Polyspin Private Limited शामिल हैं।
IPO पूरी तरह फ्रेश इश्यू होने के कारण मौजूदा प्रमोटर या शेयरधारक अपने शेयर OFS के जरिए नहीं बेच रहे हैं। नए शेयर जारी होने के बाद प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी घटकर करीब 64.52 प्रतिशत रह सकती है। यह कमी प्रमोटरों की हिस्सेदारी बेचने की वजह से नहीं बल्कि नए शेयर जारी होने से होने वाले इक्विटी डाइल्यूशन के कारण होगी।
IPO का मौजूदा GMP: Sona Selection India IPO का उपलब्ध ग्रे मार्केट प्रीमियम फिलहाल करीब 0 रुपए प्रति शेयर बताया जा रहा है। यानी 99 रुपए के ऊपरी प्राइस बैंड के मुकाबले ग्रे मार्केट में फिलहाल कोई प्रीमियम संकेत नहीं मिल रहा है। इस आधार पर संकेतात्मक लिस्टिंग कीमत करीब 99 रुपए बनती है।
हालांकि GMP अनौपचारिक और अनियंत्रित बाजार का संकेत है। IPO की शुरुआत और लिस्टिंग के बीच इसमें तेजी से बदलाव हो सकता है। इसलिए GMP को संभावित लिस्टिंग कीमत की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है: Sona Selection India की सबसे बड़ी ताकत इसका वैल्यू एडेड फैब्रिक कारोबार और भीलवाड़ा जैसे प्रमुख टेक्सटाइल क्लस्टर में स्थित प्रोसेसिंग प्लांट है। कंपनी ग्रेज फैब्रिक से लेकर तैयार फैब्रिक तक कई स्तरों पर वैल्यू जोड़ती है। पिछले वर्षों में राजस्व और मुनाफे में तेज वृद्धि भी कंपनी के कारोबार के विस्तार को दर्शाती है।
दूसरी तरफ कंपनी का डेट टू इक्विटी अनुपात 2.48 गुना है। ऐसे में IPO से मिलने वाली रकम का 80 करोड़ रुपए कर्ज चुकाने में इस्तेमाल किया जाना कंपनी के लिए महत्वपूर्ण है। इसके अलावा कॉटन और अन्य कच्चे माल की कीमतों में उतार चढ़ाव, फैशन और टेक्सटाइल मांग में बदलाव, सप्लायर और जॉब वर्कर्स पर निर्भरता तथा वर्किंग कैपिटल की जरूरतें कंपनी के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती हैं।
कुल मिलाकर Sona Selection India IPO बढ़ते वैल्यू एडेड टेक्सटाइल और फैब्रिक प्रोसेसिंग कारोबार में निवेश का अवसर देता है। कंपनी के राजस्व और मुनाफे में पिछले तीन वर्षों में अच्छी वृद्धि हुई है और IPO की रकम का बड़ा हिस्सा कर्ज कम करने तथा प्लांट में नई मशीनरी लगाने पर खर्च किया जाएगा। हालांकि ऊंचा कर्ज अनुपात और टेक्सटाइल कारोबार की चक्रीय प्रकृति को देखते हुए निवेशकों को IPO में आवेदन से पहले कंपनी की वैल्यूएशन, कर्ज, मार्जिन, कच्चे माल की कीमतों और भविष्य की विकास योजनाओं का अध्ययन करना चाहिए।



