एसएस रिटेल का 500.75 करोड़ रुपए का मेनबोर्ड IPO 16 सितंबर 2026 को खुलने जा रहा है और 18 सितंबर 2026 को बंद होगा। कंपनी ने इश्यू के लिए 403 से 424 रुपए प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। शेयरों की NSE और BSE पर लिस्टिंग 23 सितंबर 2026 को प्रस्तावित है। IPO में फ्रेश इश्यू के साथ ऑफर फॉर सेल यानी OFS भी शामिल है। कंपनी मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक्स की मल्टी ब्रांड रिटेल चेन संचालित करती है और अब स्टोर नेटवर्क बढ़ाने के साथ अपनी वर्किंग कैपिटल जरूरतों को मजबूत करने की तैयारी में है।
SS Retail IPO की मुख्य जानकारी: SS Retail का IPO कुल 500.75 करोड़ रुपए का है। इसमें 360.75 करोड़ रुपए का फ्रेश इश्यू और 140 करोड़ रुपए का ऑफर फॉर सेल शामिल है। कंपनी कुल 1,18,10,182 शेयर पेश करेगी। इनमें 85,08,298 शेयर फ्रेश इश्यू और 33,01,884 शेयर OFS के तहत होंगे। शेयर का फेस वैल्यू 10 रुपए है।
IPO के लिए एंकर निवेशकों की बोली 15 सितंबर को होगी। आम निवेशकों के लिए इश्यू 16 सितंबर से 18 सितंबर तक खुला रहेगा। शेयरों का अलॉटमेंट 21 सितंबर को होने की उम्मीद है। रिफंड की शुरुआत और डीमैट खाते में शेयर क्रेडिट 22 सितंबर को होगा। इसके बाद शेयरों की बाजार में लिस्टिंग 23 सितंबर को प्रस्तावित है।
किस निवेशक के लिए कितने शेयर: IPO में QIB के लिए 50 प्रतिशत, NII के लिए 15 प्रतिशत और रिटेल निवेशकों के लिए 35 प्रतिशत हिस्सा आरक्षित किया गया है। रिटेल निवेशक कम से कम एक लॉट यानी 35 शेयरों के लिए आवेदन कर सकता है। 424 रुपए के ऊपरी प्राइस बैंड पर एक लॉट के लिए 14,840 रुपए लगाने होंगे।
रिटेल निवेशक अधिकतम 13 लॉट यानी 455 शेयरों के लिए आवेदन कर सकता है। इसके लिए 1,92,920 रुपए की जरूरत होगी। स्मॉल HNI के लिए न्यूनतम 14 लॉट यानी 490 शेयरों के लिए 2,07,760 रुपए और बड़े HNI के लिए न्यूनतम 68 लॉट यानी 2,380 शेयरों के लिए 10,09,120 रुपए का निवेश होगा।
कंपनी क्या कारोबार करती है: SS Retail की शुरुआत जून 2016 में हुई थी। कंपनी मोबाइल फोन, मोबाइल एक्सेसरीज और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की मल्टी ब्रांड रिटेल चेन संचालित करती है। इसका कारोबार महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, गोवा और गुजरात में फैला हुआ है। कंपनी का खास फोकस टियर 2, टियर 3 और उससे छोटे शहरों पर है, जहां संगठित मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स रिटेल के विस्तार की संभावना बनी हुई है।
कंपनी SS Mobile, Mobile Exchange Wala और The Mobile Space जैसे ब्रांड के तहत कारोबार करती है। इसके उत्पादों में नए और पुराने स्मार्टफोन, मोबाइल एक्सेसरीज, टेलीविजन, लैपटॉप और टैबलेट शामिल हैं। कंपनी मोबाइल प्रोटेक्शन, EMI, एंटी थेफ्ट समाधान और मोबाइल रिचार्ज जैसी सेवाएं भी उपलब्ध कराती है।
SS Retail COCO यानी कंपनी ओन्ड कंपनी ऑपरेटेड, COFO यानी कंपनी ओन्ड फ्रेंचाइजी ऑपरेटेड और FOFO यानी फ्रेंचाइजी ओन्ड फ्रेंचाइजी ऑपरेटेड मॉडल के जरिए स्टोर संचालित करती है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी के 215 शहरों में 503 स्टोर थे। 31 जुलाई 2026 तक स्टोर की संख्या बढ़कर 536 हो गई थी। कंपनी का कुल रिटेल क्षेत्र करीब 2,60,597 वर्ग फुट था।
कंपनी की वित्तीय स्थिति: SS Retail के वित्तीय प्रदर्शन में पिछले तीन वर्षों के दौरान मजबूत वृद्धि देखने को मिली है। FY2024 में कंपनी की कुल आय 1,208.04 करोड़ रुपए और शुद्ध लाभ 26.65 करोड़ रुपए था। FY2025 में कुल आय बढ़कर 1,599.96 करोड़ रुपए और शुद्ध लाभ 39.86 करोड़ रुपए हो गया। FY2026 में कंपनी की कुल आय 2,352.85 करोड़ रुपए और शुद्ध लाभ 59.28 करोड़ रुपए रहा। यानी FY2025 की तुलना में FY2026 में कुल आय करीब 47 प्रतिशत और शुद्ध लाभ करीब 49 प्रतिशत बढ़ा।
FY2026 में कंपनी का EBITDA 125.15 करोड़ रुपए रहा, जो FY2025 के 80.44 करोड़ रुपए से काफी अधिक है। कंपनी की नेटवर्थ 225.71 करोड़ रुपए रही, जबकि कुल उधारी 162.59 करोड़ रुपए थी। डेट टू इक्विटी अनुपात 0.70 गुना रहा। FY2026 में कंपनी का ROE 30.60 प्रतिशत और ROCE 29.30 प्रतिशत रहा।
हालांकि कंपनी की बिक्री और मुनाफे में तेज वृद्धि हुई है, लेकिन रिटेल कारोबार में मुनाफे का मार्जिन कम है। FY2026 में कंपनी का PAT मार्जिन 2.52 प्रतिशत रहा। इसके अलावा कंपनी की ऑपरेशनल आय में मोबाइल फोन की हिस्सेदारी 86.18 प्रतिशत थी। इसका मतलब है कि मोबाइल फोन की मांग, कीमतों, प्रतिस्पर्धा और मार्जिन में बदलाव का कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर सीधा असर पड़ सकता है।
IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल: IPO के फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल नए स्टोर स्थापित करने से जुड़े फिट आउट और पूंजीगत खर्च के साथ बढ़ती वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने में किया जाएगा। उपलब्ध RHP आधारित जानकारी के अनुसार नए स्टोरों के लिए FY2027 और FY2028 में 12.45 करोड़ रुपए के पूंजीगत खर्च का प्रस्ताव है। इसके अलावा अतिरिक्त वर्किंग कैपिटल जरूरतों के लिए 416.53 करोड़ रुपए का प्रावधान बताया गया है।
IPO का 140 करोड़ रुपए का OFS मौजूदा शेयरधारकों की ओर से शेयर बिक्री है। OFS से मिलने वाली रकम कंपनी के पास नहीं जाएगी, बल्कि संबंधित शेयरधारकों को मिलेगी।
प्रमोटर हिस्सेदारी: IPO से पहले SS Retail में प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी 75.74 प्रतिशत है। प्रमुख प्रमोटरों में Siddharth Gunvant Shah, Deepa Siddharth Shah, Harshal Kishor Parekh और Bhavini Harshal Parekh शामिल हैं। IPO के बाद प्रमोटर हिस्सेदारी घटकर करीब 62.63 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।
IPO का मौजूदा GMP: SS Retail IPO का उपलब्ध ग्रे मार्केट प्रीमियम करीब 70 रुपए प्रति शेयर बताया जा रहा है। 424 रुपए के ऊपरी प्राइस बैंड के मुकाबले यह करीब 17 प्रतिशत का प्रीमियम है। इस GMP के आधार पर संकेतात्मक लिस्टिंग कीमत करीब 494 रुपए बनती है।
हालांकि ग्रे मार्केट प्रीमियम अनौपचारिक और अनियंत्रित बाजार का संकेत है। GMP में इश्यू खुलने से लेकर लिस्टिंग तक तेजी से बदलाव हो सकता है। इसलिए इसे संभावित लिस्टिंग कीमत की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है: SS Retail की सबसे बड़ी ताकत पिछले वर्षों में कारोबार का तेज विस्तार और राजस्व तथा मुनाफे में मजबूत वृद्धि है। कंपनी ने मार्च 2026 से जुलाई 2026 के बीच अपने स्टोर नेटवर्क को 503 से बढ़ाकर 536 कर लिया है। IPO से मिलने वाली फ्रेश पूंजी से कंपनी स्टोर विस्तार और वर्किंग कैपिटल को मजबूत करना चाहती है।
दूसरी ओर, कंपनी की ऑपरेशनल आय में मोबाइल फोन की 86.18 प्रतिशत हिस्सेदारी कारोबार को एक ही प्रमुख श्रेणी पर काफी हद तक निर्भर बनाती है। कम PAT मार्जिन, वर्किंग कैपिटल की बड़ी जरूरत और मोबाइल रिटेल क्षेत्र में कड़ी प्रतिस्पर्धा भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण पहलू हैं।
कुल मिलाकर SS Retail IPO तेजी से बढ़ते मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स रिटेल कारोबार में कंपनी के विस्तार की कहानी पेश करता है। FY2026 में कंपनी की कुल आय 2,352.85 करोड़ रुपए और शुद्ध लाभ 59.28 करोड़ रुपए रहा। कंपनी का स्टोर नेटवर्क भी लगातार बढ़ रहा है। हालांकि निवेशकों को आवेदन से पहले कंपनी की तेज राजस्व वृद्धि के साथ कम मुनाफा मार्जिन, मोबाइल कारोबार पर निर्भरता, वर्किंग कैपिटल जरूरत, कर्ज और रिटेल क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा जैसे जोखिमों का भी आकलन करना चाहिए।



