Veegaland Developers IPO of Rs 210 crore with price band of Rs 130 to Rs 140

वीगालैंड डेवलपर्स IPO: 210 करोड़ रुपए का IPO, 130 से 140 रुपए प्राइस बैंड

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वीगालैंड डेवलपर्स का 210 करोड़ रुपए का मेनबोर्ड IPO 10 सितंबर 2026 को खुला है और 15 सितंबर 2026 को बंद होगा। कंपनी के शेयरों की NSE और BSE पर लिस्टिंग 18 सितंबर 2026 को प्रस्तावित है। IPO के लिए प्राइस बैंड 130 से 140 रुपए प्रति शेयर तय किया गया है।

Veegaland Developers IPO की मुख्य जानकारी: Veegaland Developers का IPO कुल 210 करोड़ रुपए का है। कंपनी इस इश्यू के तहत 1.50 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी कर रही है। IPO में ऑफर फॉर सेल यानी OFS का हिस्सा नहीं है। शेयर का फेस वैल्यू 10 रुपए है और एक लॉट में 107 शेयर हैं। ऊपरी प्राइस बैंड 140 रुपए के हिसाब से रिटेल निवेशक को कम से कम 14,980 रुपए लगाने होंगे। कंपनी के शेयर NSE और BSE दोनों पर लिस्ट होंगे।

IPO 10 सितंबर 2026 को खुला है और 15 सितंबर 2026 को बंद होगा। शेयरों का अलॉटमेंट 16 सितंबर को होने की उम्मीद है। रिफंड की शुरुआत और डीमैट खाते में शेयर क्रेडिट 17 सितंबर को होगा। शेयर बाजार में लिस्टिंग 18 सितंबर 2026 को प्रस्तावित है।

किस निवेशक के लिए कितने शेयर: IPO में कुल 1.50 करोड़ शेयर जारी किए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार QIB के लिए 50 प्रतिशत यानी 75 लाख शेयर, NII के लिए 15 प्रतिशत यानी 22.50 लाख शेयर और रिटेल निवेशकों के लिए 35 प्रतिशत यानी 52.50 लाख शेयर आरक्षित हैं। एंकर निवेशकों के लिए 45 लाख शेयर यानी 30 प्रतिशत और एंकर के बाद QIB के लिए 30 लाख शेयर यानी 20 प्रतिशत हिस्सा बताया गया है।

रिटेल निवेशक कम से कम एक लॉट यानी 107 शेयरों के लिए आवेदन कर सकता है। 140 रुपए के ऊपरी प्राइस बैंड पर एक लॉट के लिए 14,980 रुपए की जरूरत होगी। 13 लॉट यानी 1,391 शेयरों के लिए 1,94,740 रुपए तक आवेदन किया जा सकता है। स्मॉल HNI के लिए न्यूनतम 14 लॉट यानी 1,498 शेयरों के लिए 2,09,720 रुपए और बड़े HNI के लिए न्यूनतम 67 लॉट यानी 7,169 शेयरों के लिए 10,03,660 रुपए का निवेश होगा।

कंपनी का कारोबार: Veegaland Developers केरल की रियल एस्टेट डेवलपमेंट कंपनी है। कंपनी मुख्य रूप से शहरी इलाकों में आवासीय परियोजनाओं के विकास, निर्माण और बिक्री का कारोबार करती है। इसके प्रोजेक्ट कोच्चि, तिरुवनंतपुरम, कोझिकोड और त्रिशूर जैसे केरल के प्रमुख शहरों में हैं।

कंपनी मिड प्रीमियम, प्रीमियम, अल्ट्रा प्रीमियम, लग्जरी और अल्ट्रा लग्जरी श्रेणी के आवासीय प्रोजेक्ट विकसित करती है। कंपनी की शुरुआत 2007 में हुई थी। इसके कारोबार में रेजिडेंशियल, कमर्शियल और मिक्स्ड यूज प्रोजेक्ट भी शामिल हैं।

कंपनी की वित्तीय स्थिति: Veegaland Developers के वित्तीय प्रदर्शन में पिछले तीन वर्षों में अच्छी बढ़त देखने को मिली है। FY2024 में कंपनी का राजस्व 114.61 करोड़ रुपए और शुद्ध लाभ 7.87 करोड़ रुपए था। FY2025 में राजस्व बढ़कर 196.22 करोड़ रुपए और शुद्ध लाभ 20.43 करोड़ रुपए हो गया। FY2026 में कंपनी का राजस्व 254.16 करोड़ रुपए और शुद्ध लाभ 26.61 करोड़ रुपए रहा।

इस अवधि में EBITDA भी 16.72 करोड़ रुपए से बढ़कर 42.64 करोड़ रुपए हो गया। FY2026 में कंपनी का EBITDA मार्जिन 16.78 प्रतिशत और PAT मार्जिन 10.47 प्रतिशत रहा। कंपनी का डेट टू इक्विटी अनुपात 0.32 गुना था और कुल कर्ज करीब 85.59 करोड़ रुपए रहा, जबकि FY2025 में यह 176.97 करोड़ रुपए था। इससे कंपनी के कर्ज में कमी और वित्तीय स्थिति में सुधार का संकेत मिलता है।

IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल: कंपनी IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल अपने चल रहे प्रोजेक्ट्स के विकास से जुड़े खर्च के एक हिस्से को पूरा करने, संभावित जमीन खरीद और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। यह पूरा इश्यू फ्रेश इश्यू है और इसमें OFS शामिल नहीं है।

प्रमोटर हिस्सेदारी: IPO से पहले प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी करीब 92 प्रतिशत बताई गई है। उपलब्ध RHP आधारित आंकड़ों के अनुसार IPO के बाद प्रमोटर हिस्सेदारी घटकर करीब 63.69 प्रतिशत रह सकती है। प्रमोटर समूह में K. Chittilappilly Trust और अन्य संबंधित प्रमोटर शामिल हैं।

IPO का मौजूदा रुझान: IPO की शुरुआत के बाद शुरुआती कारोबार में रिटेल निवेशकों की रुचि अपेक्षाकृत मजबूत रही। बाजार में Veegaland Developers के शेयर का ग्रे मार्केट प्रीमियम भी देखने को मिल रहा है। हालांकि GMP अनौपचारिक बाजार का संकेत है और इसे संभावित लिस्टिंग कीमत की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए।

कुल मिलाकर Veegaland Developers का IPO केरल के रियल एस्टेट बाजार पर केंद्रित है। कंपनी का मुख्य फोकस आवासीय प्रोजेक्ट्स और प्रमुख शहरी बाजारों पर है। कंपनी के राजस्व और मुनाफे में पिछले तीन वर्षों में बढ़ोतरी हुई है और कर्ज में भी कमी आई है। IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल चल रहे प्रोजेक्ट्स, जमीन से जुड़े अवसरों और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा। निवेशकों को आवेदन से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, प्रोजेक्ट पाइपलाइन, कर्ज, वैल्यूएशन और रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े जोखिमों का अध्ययन करना चाहिए।

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