मुंबई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में मंगलवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक के नतीजों से पहले डॉलर इंडेक्स सीमित दायरे में कारोबार करता रहा। दिन के अंत में डॉलर इंडेक्स 0.11 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 101.275 पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर 29 जुलाई समाप्ति वाला डॉलर रुपए वायदा अनुबंध भी 0.11 प्रतिशत की गिरावट के साथ 95.8075 पर बंद हुआ।
पृथ्वी फिनमार्ट के कमोडिटी डाइरेक्टर मनोज कुमार जैन का कहना है कि बाजार को उम्मीद है कि अमेरिकी फेड इस मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दरों को फिलहाल स्थिर रख सकता है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने तथा कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी ने फेड पर तत्काल दबाव कम किया है। हालांकि अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में मजबूती और अमेरिका ईरान के बीच स्थायी शांति समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता निचले स्तरों पर डॉलर इंडेक्स को समर्थन दे सकती है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस सप्ताह वैश्विक वित्तीय बाजारों में उतार चढ़ाव, कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव, भू राजनीतिक घटनाक्रम और फेड की मौद्रिक नीति के फैसलों के कारण डॉलर इंडेक्स में तेज अस्थिरता बनी रह सकती है। इस सप्ताह इसके 100.40 से 102.55 के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
दूसरी ओर घरेलू शेयर बाजार में मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट से रुपए को लगातार समर्थन मिल रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच हमलों में विराम के बाद कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई है, जिससे रुपए सहित अधिकांश उभरते बाजारों की मुद्राओं में मजबूती देखने को मिली है।
विश्लेषकों के अनुसार इस सप्ताह डॉलर इंडेक्स की चाल, घरेलू शेयर बाजार की दिशा और वैश्विक भू राजनीतिक घटनाक्रम रुपए की चाल तय करेंगे। डॉलर रुपए विनिमय दर 95.0800 से 97.0000 के दायरे में रह सकती है।
जैन का कहना है कि तकनीकी विश्लेषण के अनुसार 29 जुलाई समाप्ति वाला डॉलर रुपए वायदा अनुबंध लगातार कमजोरी दिखा रहा है। दैनिक चार्ट पर यह 96.2800 की मूविंग एवरेज ट्रेंड लाइन के नीचे कारोबार कर रहा है। हालांकि रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स अभी भी 50 के ऊपर बना हुआ है। वहीं एमएसीडी पर नेगेटिव क्रॉसओवर दिखाई दे रहा है, जो कमजोरी का संकेत है।
जैन का कहना है कि तकनीकी स्तरों की बात करें तो डॉलर रुपए वायदा में 95.6000 और 95.2000 प्रमुख सपोर्ट लेवल हैं। वहीं 96.0800 और 96.3500 महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस स्तर माने जा रहे हैं। फिलहाल भाव 96.2800 के नीचे कारोबार कर रहा है और इस सप्ताह इसके 95.0800 से 97.0000 के दायरे में रहने की संभावना है।
विश्लेषकों की सलाह है कि अमेरिकी फेड की बैठक के नतीजे आने तक नई ट्रेडिंग पोजीशन लेने से बचना चाहिए। जिन कारोबारियों ने पहले से शॉर्ट पोजीशन बना रखी है, उन्हें मौजूदा स्तरों पर पूरा मुनाफा वसूल कर लेना चाहिए।



