मुंबई। अमेरिका-ईरान शांति समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच डॉलर इंडेक्स निचले स्तरों से संभलकर ऊपर आया। सोमवार को डॉलर इंडेक्स 0.30 फीसदी की बढ़त के साथ 99.142 पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर USD-INR 25 जून फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट 0.15 फीसदी की गिरावट के साथ 95.1225 पर बंद हुआ।
पृथ्वी फिनमार्ट के कमोडिटी डाइरेक्टर मनोज कुमार जैन का कहना है कि डॉलर इंडेक्स में इस समय काफी अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिसके कारण डॉलर निचले स्तरों से रिकवर हुआ। सोमवार को ईरान ने कहा कि उसने अपने मध्यस्थ के माध्यम से अमेरिका को संदेश भेजना बंद कर दिया है। साथ ही, इजरायली हमलों की वजह से ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को पूरी तरह बंद करने की योजना भी बना रहा है। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री से बातचीत कर लेबनान पर हमले रोकने और ईरान के साथ वार्ता दोबारा शुरू करने का आग्रह किया है। अमेरिका-ईरान समझौते को लेकर जारी अनिश्चितता वैश्विक मुद्रा बाजारों में अस्थिरता बनाए हुए है।
हमें उम्मीद है कि इस सप्ताह डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। वैश्विक वित्तीय बाजारों की अस्थिरता, अमेरिका-ईरान समझौते को लेकर अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव इसके प्रमुख कारण रहेंगे। इस सप्ताह डॉलर इंडेक्स 97.20 से 100.00 के दायरे में कारोबार कर सकता है।
दूसरी ओर, रुपया अपनी मजबूती जारी रखे हुए है, लेकिन डॉलर इंडेक्स में सुधार और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें इसकी बढ़त को सीमित कर रही हैं। घरेलू शेयर बाजारों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की रिकॉर्ड बिकवाली और ऊंची कमोडिटी कीमतों के कारण बढ़ता आयात बिल भी रुपए पर दबाव बना रहा है। हमें उम्मीद है कि डॉलर इंडेक्स, घरेलू शेयर बाजारों, कच्चे तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक तनावों में उतार-चढ़ाव के कारण रुपया भी इस सप्ताह अस्थिर रह सकता है। USD-INR पेयर 93.8500 से 96.4000 के दायरे में कारोबार कर सकता है।
तकनीकी दृष्टिकोण: जैन का कहना है कि USD-INR 25 जून फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। दैनिक तकनीकी चार्ट पर यह पेयर अपने मूविंग एवरेज ट्रेंडलाइन सपोर्ट स्तर 95.6300 के नीचे कारोबार कर रही है। आरएसआई (Relative Strength Index) भी 50 के स्तर से नीचे बना हुआ है, जो कमजोरी का संकेत देता है। वहीं MACD (Moving Average Convergence Divergence) दैनिक चार्ट पर नेगेटिव क्रॉसओवर दिखा रहा है।
जैन का कहना है कि तकनीकी सेटअप को देखें तो MACD में नकारात्मक क्रॉसओवर बना हुआ है और यह पेयर 96.0000 के स्तर के नीचे टिके रहने में सफल रहा है। दैनिक तकनीकी चार्ट के अनुसार, USD-INR में 94.9200 से 94.6300 के बीच मजबूत सपोर्ट दिखाई दे रहा है, जबकि 95.4500 से 95.7400 के बीच रेजिस्टेंस मौजूद है।
यह पेयर 95.6300 के महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर के नीचे कारोबार कर रहा है और इस सप्ताह 93.8500 से 96.4000 के दायरे में रहने की संभावना है। नई पोजीशन लेने के लिए 94.8500 से 95.6300 के स्तरों पर विशेष नजर रखने की सलाह दी जाती है। इस दायरे के किसी भी ओर निर्णायक ब्रेकआउट से बाजार की अगली दिशा तय हो सकती है।



