Bitcoin Weekly Forecast: ETF Outflows Raise Red Flag for Crypto Market

बिटकॉइन: ETF से अरबों डॉलर की निकासी, क्रिप्टो बाजार के लिए खतरे की घंटी

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मुंबई। दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन (Bitcoin) पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। लगातार तीसरे हफ्ते गिरावट की ओर बढ़ रहे बिटकॉइन को अब सबसे बड़ा झटका संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) की बिकवाली से मिल रहा है। ETF से अरबों डॉलर की निकासी ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है और यही वजह है कि फिलहाल बिटकॉइन की तेजी कमजोर पड़ती नजर आ रही है।

रिपोर्ट के अनुसार बिटकॉइन शुक्रवार को 74,000 डॉलर के नीचे कारोबार करता दिखा और लगातार तीसरे सप्ताह नुकसान की ओर बढ़ रहा है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि अमेरिकी स्पॉट बिटकॉइन ETF में लगातार भारी निकासी जारी है।

SoSoValue के आंकड़ों के मुताबिक गुरुवार तक US-listed Spot Bitcoin ETFs से 1.30 अरब डॉलर (1.30 Billion Dollar) से ज्यादा की निकासी दर्ज की गई। यदि बड़ी खरीदारी नहीं आती है तो यह लगातार तीसरा सप्ताह होगा जब ETF से 1 अरब डॉलर से ज्यादा पैसा बाहर निकलेगा। इससे साफ संकेत मिलता है कि बड़े संस्थागत निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि ETF से लगातार पैसा निकलना बिटकॉइन के लिए बेहद नकारात्मक संकेत माना जा रहा है क्योंकि पिछले बुल रन में संस्थागत निवेश ही सबसे बड़ा सपोर्ट था। अब वही निवेशक धीरे-धीरे बाजार से दूरी बनाते दिख रहे हैं।

हालांकि बाजार को कुछ राहत तब मिली जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम विस्तार और ऊर्जा सप्लाई को लेकर समझौते की खबरें सामने आईं। Axios की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों के बीच 60 दिन के संघर्ष विराम विस्तार का ड्राफ्ट तैयार होने की चर्चा हुई। इससे वैश्विक जोखिम भावना (Risk Sentiment) में कुछ सुधार देखने को मिला।

इसके बावजूद बिटकॉइन में मजबूत रिकवरी नहीं आ सकी। रिपोर्ट का कहना है कि निवेशक अभी भी बढ़ती महंगाई, ऊंची ब्याज दरों और कमजोर वैश्विक आर्थिक संकेतों को लेकर चिंतित हैं। यही कारण है कि जोखिम वाले एसेट्स (Risk Assets) में खरीदारी सीमित बनी हुई है।

अमेरिकी महंगाई अभी भी फेडरल रिजर्व के लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है। इससे ब्याज दरों में जल्द कटौती की उम्मीद कमजोर हुई है। ऊंची ब्याज दरें आमतौर पर डॉलर और बॉन्ड यील्ड को मजबूत करती हैं, जिससे बिटकॉइन जैसे जोखिम वाले निवेश पर दबाव बढ़ जाता है।

तकनीकी विश्लेषण में भी तस्वीर बहुत मजबूत नहीं दिख रही। रिपोर्ट के अनुसार बिटकॉइन कई अहम मूविंग एवरेज के नीचे कारोबार कर रहा है और बाजार में खरीदारी की ताकत कमजोर बनी हुई है। यदि बिकवाली जारी रहती है तो बिटकॉइन में और गिरावट देखने को मिल सकती है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि 72,000 डॉलर से 70,000 डॉलर का क्षेत्र बिटकॉइन के लिए अहम सपोर्ट जोन बन सकता है। यदि ETF आउटफ्लो और बढ़ते हैं और संस्थागत बिकवाली जारी रहती है तो कीमतों पर अतिरिक्त दबाव आ सकता है।

दूसरी ओर यदि ETF में दोबारा निवेश लौटता है, महंगाई के आंकड़े नरम आते हैं और फेडरल रिजर्व का रुख थोड़ा नरम पड़ता है तो बिटकॉइन में फिर से मजबूती लौट सकती है। लेकिन फिलहाल बाजार में सतर्कता का माहौल ज्यादा नजर आ रहा है।

विश्लेषक का मानना है कि आने वाले दिनों में बिटकॉइन की दिशा काफी हद तक ETF फ्लो, अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की नीति संकेतों पर निर्भर करेगी। फिलहाल संस्थागत निवेशकों की कमजोर भागीदारी बाजार के लिए सबसे बड़ा चिंता का विषय बनी हुई है।

✅ मुख्य पॉइंट्स:

☑️ बिटकॉइन 74,000 डॉलर के नीचे कारोबार करते हुए लगातार तीसरे हफ्ते गिरावट की ओर बढ़ रहा है।
☑️ US-listed Spot Bitcoin ETFs से 1.30 अरब डॉलर से ज्यादा की निकासी दर्ज हुई।
☑️ लगातार तीसरे सप्ताह 1 अरब डॉलर से ज्यादा ETF आउटफ्लो का खतरा।
☑️ संस्थागत निवेशकों की कमजोर मांग बिटकॉइन के लिए सबसे बड़ा नकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
☑️ अमेरिका-ईरान वार्ता की खबरों से जोखिम भावना में सुधार आया लेकिन बिटकॉइन को सीमित फायदा मिला।
☑️ महंगाई, ऊंची ब्याज दरें और कमजोर मैक्रो संकेत बाजार पर दबाव बनाए हुए हैं।
☑️ तकनीकी चार्ट में अभी भी कमजोरी के संकेत बने हुए हैं।
☑️ 72,000–70,000 डॉलर का जोन अहम सपोर्ट माना जा रहा है।
☑️ ETF में दोबारा निवेश लौटने पर ही बिटकॉइन में मजबूत रिकवरी की संभावना बढ़ सकती है।

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