Currency Market: Trade Dollar-Rupee like this on 21 May 2026

Currency Market: डॉलर-रुपए में नई पोजिशन के लिए करेक्‍शन का करें इंतजार

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मुंबई। बेहद उतार-चढ़ाव भरे कारोबारी सत्र में डॉलर इंडेक्स दिन के ऊपरी स्तरों से नीचे आ गया। बुधवार को डॉलर इंडेक्स 0.19 फीसदी की हल्की कमजोरी के साथ 99.065 पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर USD-INR 26 मई वायदा अनुबंध 0.19 फीसदी की तेजी के साथ 96.8075 पर बंद हुआ।

पृथ्‍वी फिनमार्ट के कमोडिटी डाइरेक्‍टर मनोज कुमार जैन का कहना है कि कारोबार की शुरुआत में डॉलर इंडेक्स में मजबूती देखने को मिली थी, लेकिन अमेरिकी सीनेट द्वारा ईरान के साथ युद्ध रोकने के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद यह दिन के ऊपरी स्तरों से फिसल गया। इस घटनाक्रम के बाद कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 6 फीसदी की गिरावट आई, जिससे डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड दोनों में नरमी देखने को मिली। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति ने बुधवार को फिर कहा कि यदि ईरान के साथ समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका दोबारा ईरान पर हमला करेगा। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण करेंसी बाजारों में भारी अस्थिरता बनी हुई है।

बुधवार को जारी फेडरल रिजर्व की बैठक के मिनट्स में भी ऊंची ऊर्जा कीमतों और बढ़ती महंगाई को लेकर चिंता जताई गई है। फेड ने यह भी संकेत दिया कि यदि महंगाई लंबे समय तक ऊंची बनी रहती है तो ब्याज दरों में बढ़ोतरी से इनकार नहीं किया जा सकता।

हमारा अनुमान है कि वैश्विक वित्तीय बाजारों में उतार-चढ़ाव, अमेरिका-ईरान शांति समझौते को लेकर अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता के कारण इस सप्ताह डॉलर इंडेक्स में तेज उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। डॉलर इंडेक्स इस सप्ताह 97.70 से 100.85 के दायरे में कारोबार कर सकता है।

दूसरी ओर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तरों तक फिसल गया। बढ़ते आयात बिल से व्यापार घाटा बढ़ रहा है, जिससे रुपया प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले दबाव में है। घरेलू शेयर बाजारों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की रिकॉर्ड बिकवाली और अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण विदेशों में काम कर रहे भारतीयों से आने वाली रकम (रेमिटेंस) में कमी भी रुपये पर दबाव बना रही है। हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में मुनाफावसूली निचले स्तरों पर रुपये को कुछ समर्थन दे सकती है।

हमारा अनुमान है कि डॉलर इंडेक्स, घरेलू शेयर बाजारों, कच्चे तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक तनाव में अस्थिरता के कारण इस सप्ताह रुपया भी काफी उतार-चढ़ाव में रह सकता है। USD-INR पेयर इस सप्ताह 95.8500 से 97.7000 के दायरे में कारोबार कर सकती है।

तकनीकी दृष्टिकोण: जैन का कहना है कि USDINR 26 मई वायदा अनुबंध में तेजी का रुख जारी रहा। दैनिक तकनीकी चार्ट पर यह पेयर अपने मूविंग एवरेज ट्रेंडलाइन सपोर्ट स्तर 95.8700 के ऊपर कारोबार कर रहा है और RSI 70 के ऊपर बना हुआ है। MACD भी दैनिक चार्ट पर पॉजिटिव क्रॉसओवर दिखा रहा है।

जैन का कहना है कि तकनीकी सेटअप को देखें तो MACD में पॉजिटिव क्रॉसओवर बना हुआ है और पेयर 96.5000 के स्तर को पार कर चुका है। दैनिक तकनीकी चार्ट के अनुसार पेयर को 96.5500-96.2000 के दायरे में सपोर्ट है, जबकि 97.0000-97.4000 के दायरे में रेजिस्टेंस मौजूद है। पेयर अपने 95.8700 के सपोर्ट स्तर के ऊपर कारोबार कर रहा है और इस सप्ताह 95.8500-97.7000 की रेंज में कारोबार करने की संभावना है।

हमारी सलाह है कि नई लॉन्ग पोजिशन बनाने के लिए पेयर में कुछ करेक्टिव गिरावट का इंतजार करना बेहतर रहेगा।

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