क्रिप्टोकरेंसी बाजार में गुरुवार को दबाव देखने को मिला और बिटकॉइन 80,000 डॉलर के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। बाजार विश्लेषकों के अनुसार इस गिरावट की बड़ी वजह लगातार बढ़ती बिकवाली, मुनाफावसूली और संस्थागत निवेशकों की कमजोर होती रुचि मानी जा रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक बिटकॉइन इस सप्ताह की शुरुआत में एक मजबूत रेजिस्टेंस स्तर को पार नहीं कर पाया, जिसके बाद बाजार में कमजोरी बढ़ती गई। इसी दौरान स्पॉट बिटकॉइन ईटीएफ से करीब 635 मिलियन डॉलर की निकासी दर्ज की गई, जो जनवरी के बाद सबसे बड़ा एकदिवसीय आउटफ्लो माना जा रहा है। इससे निवेशकों की धारणा और कमजोर हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि हालिया तेजी के बाद ट्रेडर्स तेजी से मुनाफावसूली कर रहे हैं। ऑन-चेन डेटा के अनुसार पिछले पांच महीनों में पहली बार इतनी तेज प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली है, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है।
बाजार भावना को वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक तनावों ने भी प्रभावित किया है। अमेरिका-चीन तनाव और कमजोर जोखिम लेने की धारणा के कारण निवेशक फिलहाल सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर झुकते दिखाई दे रहे हैं। इसी वजह से बिटकॉइन समेत अधिकांश बड़ी क्रिप्टोकरेंसी में गिरावट दर्ज की गई।
फिलहाल बिटकॉइन 78,000 से 80,000 डॉलर के दायरे में संघर्ष करता दिखाई दे रहा है। विश्लेषकों के अनुसार यदि 78,000 डॉलर का स्तर टूटता है तो बाजार में और दबाव बढ़ सकता है। वहीं 80,000 डॉलर के ऊपर मजबूत वापसी आने पर ही बाजार में दोबारा तेजी की उम्मीद मजबूत होगी।
✅ मुख्य बिंदु:
☑️ बिटकॉइन 80,000 डॉलर के नीचे फिसला
☑️ स्पॉट बिटकॉइन ईटीएफ से 635 मिलियन डॉलर की निकासी
☑️ जनवरी के बाद सबसे बड़ा एकदिवसीय आउटफ्लो
☑️ ट्रेडर्स में तेज मुनाफावसूली से बढ़ा दबाव
☑️ पांच महीनों में सबसे ज्यादा प्रॉफिट बुकिंग दर्ज
☑️ अमेरिका-चीन तनाव से कमजोर हुई बाजार भावना
☑️ 78,000 डॉलर अगला महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा
☑️ 80,000 डॉलर के ऊपर वापसी पर ही तेजी मजबूत होगी



