मुंबई। भारतीय शेयर बाज़ार के बेंचमार्क इंडेक्स, सेंसेक्स और निफ्टी 50, शुक्रवार को मिले-जुले वैश्विक बाज़ार संकेतों के चलते, यूएस-ईरान शांति वार्ता को लेकर आशावाद के बावजूद, सुस्त शुरुआत कर सकते हैं।
गिफ्ट निफ्टी के रुझान भी भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स के लिए एक धीमी शुरुआत का संकेत दे रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी लगभग 24,170 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद भाव से लगभग 25 अंक नीचे था।
गुरुवार को, भारतीय शेयर बाज़ार गिरावट के साथ बंद हुआ, जिस पर ऊंचे स्तरों पर मुनाफ़ा-वसूली (profit booking) का दबाव था। सेंसेक्स 122.56 अंक, या 0.16 फीसदी गिरकर 77,988.68 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 34.55 अंक, या 0.14 फीसदी घटकर 24,196.75 पर स्थिर हुआ।
निफ्टी 50 इंडेक्स ने दैनिक चार्ट पर एक ‘बेयरिश कैंडल’ (गिरावट का संकेत देने वाली कैंडल) बनाई, जब उसे 24,400 के पास अपने 50-DMA (50-दिनों के मूविंग एवरेज) के आसपास प्रतिरोध यानी रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट, नागराज शेट्टी ने कहा, “ऊंचे स्तर पर खुलने के बाद दैनिक चार्ट पर एक ठीक-ठाक नकारात्मक कैंडल बनी। तकनीकी रूप से, यह बाज़ार गतिविधि 24,415 पर एक महत्वपूर्ण ऊपरी प्रतिरोध (overhead resistance) की मौजूदगी का संकेत देती है (9 मार्च के पिछले शुरुआती गिरावट वाले गैप के पास)। यह महत्वपूर्ण ऊपरी प्रतिरोध से बाज़ार में एक स्वस्थ सुधार (correction) का संकेत है।”
उनके अनुसार, निफ्टी 50 का निकट-अवधि का तेजी का रुझान (uptrend) बरकरार है, और फिर से ऊपर उठने से पहले अगले 1-2 सत्रों में और अधिक एकीकरण (consolidation) या मामूली गिरावट की संभावना है।
शेट्टी ने कहा, “तत्काल प्रतिरोध पर नज़र 24,415 पर होनी चाहिए, और मुख्य सपोर्ट (support) 24,100-24,000 के स्तरों के आसपास स्थित है।”
बैंक निफ्टी इंडेक्स गुरुवार को 215.55 अंक, या 0.38 फीसदी गिरकर 56,086.40 पर बंद हुआ। इसने दैनिक चार्ट पर दोनों तरफ छोटी-छोटी परछाइयों (shadows) के साथ एक ‘बेयरिश कैंडल’ बनाई, जो खरीदारों और विक्रेताओं के बीच खींचतान का संकेत देती है, और हालिया चाल के बाद निकट-अवधि की अनिश्चितता के दौर को उजागर करती है।
एसबीआई सिक्योरिटीज के टेक्निकल और डेरिवेटिव्ज रिसर्च हेड सुदीप शाह ने कहा कि “तकनीकी नज़रिए से, 56,500–56,600 का ज़ोन Bank Nifty इंडेक्स के लिए तुरंत रुकावट (resistance) का काम कर सकता है। अगर 56,600 के निशान से ऊपर लगातार ब्रेकआउट होता है, तो इससे नई तेज़ी आ सकती है और पुलबैक बढ़कर 57,200 तक पहुँच सकता है, जिसके बाद कम समय में यह 57,700 के स्तर तक जा सकता है। दूसरी ओर, तुरंत सपोर्ट 55,600 – 55,500 के ज़ोन में है।”
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