मुंबई। डॉलर इंडेक्स में सोमवार को भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला और यह गिरावट के साथ बंद हुआ। डॉलर इंडेक्स 0.79 फीसदी घटकर 96.74 पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर यूएसडी-आईएनआर 25 फरवरी वायदा 0.05 फीसदी बढ़कर 90.7725 पर बंद हुआ।
पृथ्वी फिनमार्ट के कमोडिटी डाइरेक्टर मनोज कुमार जैन का कहना है कि जापानी येन में मजबूती और चीन के नियामकों द्वारा वित्तीय संस्थानों को अमेरिकी ट्रेजरी होल्डिंग कम करने के निर्देश के बाद डॉलर इंडेक्स एक सप्ताह के निचले स्तर तक फिसल गया। जापान के प्रधानमंत्री साने ताकाइची की संसदीय चुनावों में जीत से येन के और मजबूत होने की संभावना बढ़ी, जिससे डॉलर इंडेक्स पर दबाव बना। इसके अलावा अमेरिका में आंशिक सरकारी शटडाउन भी डॉलर पर दबाव डाल रहा है।
विश्लेषकों के अनुसार वैश्विक वित्तीय बाजारों में अस्थिरता, अमेरिका में आंशिक शटडाउन और भू-राजनीतिक तनाव के कारण इस सप्ताह डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है और यह 95.55–99.20 के दायरे में कारोबार कर सकता है।
दूसरी ओर, जापानी येन की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण रुपए में कमजोरी जारी रही। हालांकि अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ वापस लेने के फैसले से निचले स्तरों पर रुपए को सपोर्ट मिल सकता है। घरेलू शेयर बाजार में संभावित रिकवरी भी रुपए को सहारा दे सकती है। इस सप्ताह डॉलर-रुपया विनिमय दर में भी उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है और यह 89.40–92.00 के दायरे में रह सकती है।
तकनीकी दृष्टिकोण: जैन का कहना है कि यूएसडी-आईएनआर 25 फरवरी वायदा ने अत्यधिक अस्थिर कारोबार के बीच बढ़त दर्ज की। दैनिक चार्ट पर यह जोड़ी 91.0200 के मूविंग एवरेज ट्रेंड-लाइन सपोर्ट स्तर के नीचे कारोबार कर रही है और आरएसआई 50 के नीचे बना हुआ है। एमएसीडी पर भी नेगेटिव क्रॉसओवर दिखाई दे रहा है, जो कमजोरी का संकेत है।
जैन का कहना है कि तकनीकी चार्ट के अनुसार इस जोड़ी का सपोर्ट 90.4400–90.1500 के बीच है, जबकि रेजिस्टेंस 91.0200–91.3500 पर देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ताजा पोजीशन लेने से पहले 90.4400–91.0200 के स्तरों पर नजर रखना जरूरी है। इस दायरे के किसी भी ओर ब्रेकआउट से बाजार की अगली दिशा तय हो सकती है।



