मुंबई। डॉलर इंडेक्स में बुधवार को जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला और यह फिर से 100 के पार निकल गया। इंडेक्स 0.76 फीसदी बढ़कर 100.075 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई पर USD/INR 25 मार्च वायदा भी 0.25 फीसदी मजबूत होकर 92.6925 पर सेटल हुआ।
पृथ्वी फिनमार्ट के कमोडिटी डाइरेक्टर मनोज कुमार जैन का कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने के बावजूद उसका रुख पहले से ज्यादा सख्त (hawkish) नजर आया। फेड चेयरमैन ने कहा कि ईरान युद्ध का असर अभी अनिश्चित है, लेकिन ऊंची ऊर्जा कीमतें महंगाई बढ़ा सकती हैं और लोगों की आय पर दबाव डाल सकती हैं। इससे आर्थिक ग्रोथ भी प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, हाल ही में जारी अमेरिकी PPI डेटा भी उम्मीद से ज्यादा रहा, जिसने डॉलर को और मजबूती दी। ऐसे में इस हफ्ते डॉलर इंडेक्स 98.85 से 102.55 के दायरे में रह सकता है।
रुपए पर क्यों बढ़ा दबाव:
जैन का कहना है कि भारतीय रुपए में गिरावट जारी है। इसकी मुख्य वजह विदेशी निवेशकों (FPI) का लगातार पैसा निकालना और आयातकों की बढ़ती डॉलर मांग है। ऊंची कच्चे तेल और कमोडिटी कीमतों के कारण ट्रेड डेफिसिट बढ़ने का खतरा भी बना हुआ है, जो रुपये पर अतिरिक्त दबाव डाल रहा है। साथ ही, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और मजबूत डॉलर भी रुपये को कमजोर कर रहे हैं। इस हफ्ते USD/INR 91.08 से 93.80 के बीच ट्रेड कर सकता है।
टेक्निकल नजरिया:
USD/INR पेयर फिलहाल मजबूत स्थिति में बना हुआ है।
प्राइस 92.3000 के मूविंग एवरेज सपोर्ट के ऊपर ट्रेड कर रहा है
RSI 60 के ऊपर है, जो मजबूती का संकेत देता है
MACD में पॉजिटिव क्रॉसओवर दिख रहा है
सपोर्ट: 92.35 – 92.05 रेजिस्टेंस: 93.00 – 93.20
ट्रेडिंग रणनीति:
92.12–91.80 के पास खरीदारी की सलाह दी गई थी
टारगेट 92.70–93.00 था, जो हासिल हो चुका है
अब 50 फीसदी मुनाफा बुक करने की सलाह
बाकी पोजिशन को होल्ड करें, स्टॉपलॉस कॉस्ट पर रखें
नया टारगेट: 93.30
निष्कर्ष :
जैन का कहना है कि डॉलर इंडेक्स में मजबूती और ग्लोबल अनिश्चितता के चलते रुपए पर दबाव बना रह सकता है। ऐसे में इस हफ्ते करेंसी मार्केट में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। ट्रेडर्स को सतर्क रहते हुए लेवल्स के हिसाब से ही पोजिशन बनानी चाहिए।



