मुंबई। वैश्विक बाजारों में बढ़ती अस्थिरता के बीच डॉलर इंडेक्स में मजबूती देखी गई। गुरुवार को डॉलर इंडेक्स 0.33 फीसदी की बढ़त के साथ 97.85 पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर USD-INR 25 फरवरी वायदा अनुबंध 0.20 फीसदी गिरकर 90.3975 पर सेटल हुआ।
पृथ्वी फिनमार्ट के कमोडिटी डाइरेक्टर मनोज कुमार जैन का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच ओमान में परमाणु समझौते पर बातचीत की सहमति के बाद डॉलर इंडेक्स को समर्थन मिला। इसके अलावा वैश्विक वित्तीय बाजारों में विभिन्न एसेट क्लास में भारी बिकवाली ने भी डॉलर को मजबूत किया। हालांकि अमेरिका में साप्ताहिक जॉबलेस क्लेम्स बढ़कर 2.31 लाख होने से डॉलर की बढ़त सीमित रही। यूरोपीय सेंट्रल बैंक और बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने से भी डॉलर पर दबाव बना रह सकता है। आज के सत्र में डॉलर इंडेक्स के 97.20–98.55 के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
दूसरी ओर, रुपया पिछले सत्र की बढ़त बरकरार नहीं रख सका और फिर कमजोर हो गया। डॉलर इंडेक्स में रिकवरी और घरेलू इक्विटी बाजारों में बिकवाली से रुपए पर दबाव बढ़ा। साथ ही भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के अंतिम मसौदे को लेकर अनिश्चितता के कारण करेंसी बाजार सतर्क बना हुआ है। आज USD-INR के 89.80–90.85 के दायरे में रहने का अनुमान है।
टेक्निकल व्यू: जैन का कहना है कि डेली चार्ट पर USD-INR फरवरी वायदा अनुबंध अपनी मूविंग-एवरेज ट्रेंड-लाइन सपोर्ट 91.22 से नीचे कारोबार कर रहा है। RSI 50 से नीचे है और MACD पर नेगेटिव क्रॉसओवर दिख रहा है, जो कमजोरी का संकेत देता है। निकट अवधि में 89.80–90.08 सपोर्ट और 90.60–90.85 रेजिस्टेंस देखा जा रहा है।
जैन का कहना है कि ट्रेडिंग रणनीति के तौर पर 90.60–90.35 के दायरे में खरीदारी की सलाह दी गई है, जिसमें 90.00 के नीचे स्टॉप-लॉस और 90.80–91.05 का लक्ष्य रखा गया है। जिन निवेशकों के पास पहले से लंबी पोजिशन है, उन्हें स्टॉप-लॉस बनाए रखते हुए लक्ष्य स्तरों पर मुनाफावसूली की सलाह दी गई है।



