मुंबई। मजबूत अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के बाद डॉलर इंडेक्स में निचले स्तरों से रिकवरी देखने को मिली। बुधवार को डॉलर इंडेक्स 0.06 फीसदी बढ़कर 96.81 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई पर USD-INR फरवरी वायदा 0.12 फीसदी तेज होकर 90.7275 पर सेटल हुआ।
पृथ्वी फिनमार्ट के कमोडिटी डाइरेक्टर मनोज कुमार जैन का कहना है कि शुरुआती कारोबार में जापानी येन की मजबूती से डॉलर इंडेक्स में गिरावट आई थी, लेकिन उम्मीद से बेहतर अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल (NFP) आंकड़ों के बाद इसमें जोरदार सुधार हुआ। जनवरी में अमेरिका में 1,30,000 नई नौकरियां जुड़ीं, जो दिसंबर के 48,000 और अनुमानित 55,000 से काफी अधिक हैं। यह दिसंबर 2024 के बाद रोजगार में सबसे बड़ी बढ़ोतरी है। मजबूत आंकड़ों के बाद अमेरिकी 10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड में भी तेजी आई, जिससे डॉलर को समर्थन मिला।
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी महंगाई आंकड़ों और भू-राजनीतिक तनाव के बीच इस सप्ताह डॉलर इंडेक्स 95.55 से 99.20 के दायरे में उतार-चढ़ाव कर सकता है।
जैन का कहना है कि दूसरी ओर, घरेलू शेयर बाजार की कमजोरी, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और रूस से तेल खरीद पर 25 फीसदी टैरिफ की अमेरिकी चेतावनी के कारण रुपया दबाव में है। इस सप्ताह USD-INR जोड़ी 89.40 से 92.00 के दायरे में रह सकती है।
टेक्निकल नजरिया: जैन का कहना है कि डेली चार्ट पर USD-INR फरवरी वायदा 90.7800 के मूविंग एवरेज सपोर्ट के नीचे ट्रेड कर रहा है। RSI 50 से नीचे और MACD निगेटिव क्रॉसओवर दिखा रहा है। सपोर्ट 90.40–90.15 और रेजिस्टेंस 91.02–91.35 के बीच है। 90.44–91.02 के स्तर पर ब्रेकआउट आगे की दिशा तय कर सकता है।



