मुंबई। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में गुरुवार को डॉलर इंडेक्स लगातार दूसरे दिन कमजोर रहा और 100 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। डॉलर इंडेक्स 0.84 प्रतिशत की गिरावट के साथ 99.830 पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर 27 अगस्त समाप्ति वाला डॉलर रुपए वायदा अनुबंध 0.07 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 95.8725 पर बंद हुआ।
पृथ्वी फिनमार्ट के कमोडिटी डाइरेक्टर मनोज कुमार जैन का कहना है कि डॉलर इंडेक्स में यह गिरावट जापानी येन में आई मजबूत रिकवरी के बाद देखने को मिली। बैंक ऑफ जापान ने अपनी मुद्रा को कमजोरी से बचाने के लिए बाजार में हस्तक्षेप किया, जिसके बाद डॉलर इंडेक्स छह सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गया और 100 के नीचे कारोबार करने लगा।
अमेरिका से जारी आर्थिक आंकड़े भी बाजार की उम्मीद से कमजोर रहे, जिससे डॉलर को कोई खास समर्थन नहीं मिला। हालांकि पश्चिम एशिया में बढ़ते भू राजनीतिक तनाव के कारण अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल मजबूत बने हुए हैं, जिससे डॉलर इंडेक्स को निचले स्तरों पर कुछ सहारा मिल रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि आज के कारोबार में वैश्विक वित्तीय बाजारों की चाल, कच्चे तेल की कीमतों में उतार चढ़ाव और भू राजनीतिक घटनाक्रम के चलते डॉलर इंडेक्स में तेज अस्थिरता बनी रह सकती है। इसके 99.20 से 100.55 के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
दूसरी ओर घरेलू शेयर बाजार में मजबूती और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की लगातार खरीदारी से रुपए को समर्थन मिला। डॉलर इंडेक्स के छह सप्ताह के निचले स्तर पर आने से अधिकांश प्रमुख वैश्विक मुद्राओं में मजबूती दर्ज की गई, जिसका फायदा भारतीय रुपए को भी मिला।
हालांकि पश्चिम एशिया में तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में मजबूती रुपए की तेजी को सीमित कर सकती है। आज के कारोबार में डॉलर रुपए विनिमय दर 95.3500 से 96.3000 के दायरे में रह सकती है।
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार 27 अगस्त समाप्ति वाला डॉलर रुपए वायदा अनुबंध लगातार दबाव में बना हुआ है। दैनिक चार्ट पर यह 96.1800 की मूविंग एवरेज ट्रेंड लाइन के नीचे कारोबार कर रहा है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 50 के नीचे बना हुआ है, जबकि एमएसीडी पर नेगेटिव क्रॉसओवर कमजोरी के संकेत दे रहा है।
तकनीकी स्तरों की बात करें तो डॉलर रुपए वायदा में 95.6000 और 95.3500 प्रमुख समर्थन स्तर हैं। वहीं 96.0800 और 96.3000 महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस स्तर रहेंगे। जब तक भाव 96.1800 के नीचे बना हुआ है, तब तक कमजोरी का रुख कायम रह सकता है।
विश्लेषकों की सलाह है कि नई ट्रेडिंग पोजीशन लेने से पहले 95.6000 से 96.1800 के दायरे पर विशेष नजर रखें। इस दायरे के ऊपर या नीचे निर्णायक ब्रेकआउट बाजार की अगली दिशा तय कर सकता है।



