मुंबई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बुधवार को डॉलर इंडेक्स में भारी उतार चढ़ाव देखने को मिला और यह कमजोरी के साथ बंद हुआ। डॉलर इंडेक्स 0.59 प्रतिशत की गिरावट के साथ 100.680 पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर 27 अगस्त समाप्ति वाला डॉलर रुपए वायदा अनुबंध 0.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 95.9400 पर बंद हुआ।
पृथ्वी फिनमार्ट के कमोडिटी डाइरेक्टर मनोज कुमार जैन का कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को 3.50 प्रतिशत से 3.75 प्रतिशत के दायरे में स्थिर रखने के बाद डॉलर इंडेक्स में तेज गिरावट दर्ज की गई। फेड चेयरमैन केविन वॉर्श ने बाजार की अपेक्षा से कम सख्त रुख अपनाया और भविष्य की ब्याज दरों को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिए। इससे डॉलर पर दबाव बढ़ गया।
हालांकि फेड की मौद्रिक नीति समिति के तीन सदस्यों ने 0.25 प्रतिशत ब्याज दर बढ़ाने के पक्ष में मतदान किया। इसके अलावा पश्चिम एशिया में जारी तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और महंगाई की चिंताएं डॉलर इंडेक्स को निचले स्तरों पर समर्थन दे सकती हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि इस सप्ताह वैश्विक वित्तीय बाजारों में उतार चढ़ाव, कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव और भू राजनीतिक घटनाक्रम के कारण डॉलर इंडेक्स में तेज अस्थिरता बनी रह सकती है। इसके 100.20 से 101.85 के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
दूसरी ओर घरेलू शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन आई मजबूती और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की खरीदारी से रुपए को समर्थन मिला। फेड बैठक के बाद डॉलर इंडेक्स में आई गिरावट से अधिकांश प्रमुख वैश्विक मुद्राओं में मजबूती देखने को मिली, जिसका लाभ रुपए को भी मिला।
हालांकि पश्चिम एशिया में तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में मजबूती रुपए की बढ़त को सीमित कर सकती है। विश्लेषकों के अनुसार इस सप्ताह डॉलर इंडेक्स की चाल, घरेलू शेयर बाजार की दिशा और वैश्विक भू राजनीतिक घटनाक्रम रुपए की दिशा तय करेंगे। डॉलर रुपए विनिमय दर 95.0800 से 97.0000 के दायरे में रह सकती है।
जैन का कहना है कि तकनीकी विश्लेषण के अनुसार 27 अगस्त समाप्ति वाला डॉलर रुपए वायदा अनुबंध लगातार दबाव में बना हुआ है। दैनिक चार्ट पर यह 96.2200 की मूविंग एवरेज ट्रेंड लाइन के नीचे कारोबार कर रहा है। हालांकि रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स अभी भी 50 के ऊपर बना हुआ है। वहीं एमएसीडी पर नेगेटिव क्रॉसओवर कमजोरी का संकेत दे रहा है।
तकनीकी स्तरों की बात करें तो डॉलर रुपए वायदा में 95.6000 और 95.2000 प्रमुख सपोर्ट लेवल हैं, जबकि 96.0800 और 96.3500 महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस लेवल माने जा रहे हैं। फिलहाल भाव 96.0000 के नीचे बना हुआ है और इस सप्ताह इसके 95.0800 से 97.0000 के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
विश्लेषकों की सलाह है कि नई ट्रेडिंग पोजीशन लेने से पहले 95.6000 से 96.2200 के दायरे पर विशेष नजर रखें। इस दायरे के ऊपर या नीचे निर्णायक ब्रेकआउट आने पर बाजार की अगली दिशा स्पष्ट हो सकती है।



