मुंबई। इंजीनियरिंग समाधान प्रदाता कंपनी ओम्निटेक इंजीनियरिंग 583 करोड़ रुपए का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) ला रही है। यह इश्यू 25 फरवरी 2026 को खुलेगा और 27 फरवरी 2026 को बंद होगा। शेयरों का आवंटन 2 मार्च 2026 को संभावित है, जबकि बीएसई और एनएसई पर इसकी संभावित लिस्टिंग 5 मार्च 2026 को तय की गई है।
यह इश्यू बुक बिल्डिंग प्रक्रिया के तहत लाया जा रहा है। इसमें 418 करोड़ रुपए के 1.84 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि 0.73 करोड़ शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के जरिए की जाएगी, जिसकी कुल राशि 165 करोड़ रुपए है।
आईपीओ का प्राइस बैंड 216 से 227 रुपए प्रति शेयर तय किया गया है। आवेदन के लिए न्यूनतम लॉट साइज 66 शेयरों का है। ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश 14,982 रुपए होगा। एसएनआईआई श्रेणी के लिए 14 लॉट (924 शेयर) यानी 2,09,748 रुपए और बीएनआईआई के लिए 67 लॉट (4,422 शेयर) यानी 10,03,794 रुपए का निवेश आवश्यक है।
इस इश्यू के बुक रनिंग लीड मैनेजर इक्विरस कैपिटल हैं, जबकि रजिस्ट्रार की जिम्मेदारी MUFG Intime India को सौंपी गई है।
ओम्निटेक इंजीनियरिंग प्रिसीजन-इंजीनियर्ड कंपोनेंट्स, टर्नकी इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन सॉल्यूशंस और कस्टमाइज्ड मैकेनिकल सिस्टम्स के निर्माण और आपूर्ति में विशेषज्ञता रखती है। कंपनी ऑटोमोबाइल, एयरोस्पेस, फार्मास्यूटिकल्स, फूड प्रोसेसिंग और जनरल मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों के लिए उच्च-प्रदर्शन उपकरणों की डिजाइन, फैब्रिकेशन, असेंबली और इंटीग्रेशन सेवाएं प्रदान करती है।
कंपनी की उत्पाद श्रृंखला में एनर्जी, मोशन कंट्रोल एवं ऑटोमेशन, इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट सिस्टम्स और अन्य इंजीनियरिंग समाधान शामिल हैं। यह ग्राहकों की जरूरत के अनुसार विशेष इंजीनियरिंग परियोजनाएं विकसित करती है, जिससे उत्पादकता, सटीकता और प्रक्रिया दक्षता में सुधार हो सके।
कंपनी के गुजरात के मेटोड़ा-छपरा, पाडवाला और राजकोट में तीन विनिर्माण संयंत्र हैं। इन इकाइयों में कंप्यूटर न्यूमेरिकल कंट्रोल (CNC) मशीनें, वर्टिकल मशीनिंग सेंटर (VMC), टर्न मिल सेंटर (TMC) और स्लाइडिंग हेडस्टॉक मशीनें जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।
आईपीओ से प्राप्त शुद्ध आय का उपयोग कंपनी द्वारा लिए गए कुछ बकाया ऋणों के आंशिक या पूर्ण पुनर्भुगतान, प्रस्तावित फैसिलिटी-1 और फैसिलिटी-2 में नई परियोजनाओं की स्थापना, मौजूदा फैसिलिटी-2 में पूंजीगत व्यय और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।



