SoftBank-backed Meesho to raise Rs 4,250 crore through IPO

सॉफ्टबैंक समर्थित मीशो आईपीओ से 4,250 करोड़ रुपए जुटाएगी

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मुंबई। बेंगलुरु स्थित ऑनलाइन मार्केटप्लेस मीशो ने नए इक्विटी इश्यू के ज़रिए₹4,250 करोड़ रुपए तक जुटाने के लिए सेबी के पास अपना अद्यतन ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (यूडीआरएचपी) दाखिल किया है। कुल प्रस्ताव में 17.56 करोड़ शेयरों का ऑफर-फॉर-सेल (ओएफएस) भी शामिल है, जो एलिवेशन कैपिटल, पीक XV पार्टनर्स और अन्य जैसे शुरुआती निवेशकों के लिए निकलने का रास्ता देता है।

अन्य विक्रय शेयरधारकों में हाईवे सीरीज़ 1 (वेंचर हाईवे एसपीवी एलएलसी की एक श्रृंखला), वाई कॉम्बिनेटर कॉन्टिन्यूटी होल्डिंग्स I एलएलसी, गोल्डन समिट लिमिटेड, वीएच कैपिटल, वीएच कैपिटल XI, साथ ही प्रमोटर विदित आत्रे और संजीव कुमार, और व्यक्तिगत शेयरधारक मैन हे टैम शामिल हैं।

सॉफ्टबैंक समर्थित मीशो, 2021 में नाइका जैसी प्रमुख कंपनी की लिस्टिंग के बाद, सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध होने वाला भारत का पहला बड़े पैमाने का क्षैतिज ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस बन जाएगा।

कंपनी अपनी सहायक कंपनी मीशो टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर, एआई और मशीन लर्निंग विकास, और मार्केटिंग एवं ब्रांड पहलों में निवेश के लिए शुद्ध आय का उपयोग करने की योजना बना रही है। इस धनराशि का एक हिस्सा अकार्बनिक विकास के अवसरों, अधिग्रहणों और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए भी इस्तेमाल किया जाएगा।

वित्त वर्ष 2025 में, मीशो ने लगभग 1990 लाख वार्षिक लेनदेन उपयोगकर्ताओं (एटीयू) के साथ 5,00,000 से अधिक लेनदेन करने वाले विक्रेताओं को जोड़ा, जिससे वर्ष के दौरान 1.8 अरब ऑर्डर प्राप्त हुए। एटीयू में साल-दर-साल 28 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो जून 2025 को समाप्त होने वाले अंतिम बारह महीनों में 2130 लाख तक पहुंच गई, जो भारत के ई-कॉमर्स बाजार में निरंतर प्रगति का संकेत है।

कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 में 3,942 करोड़ रुपए का शुद्ध घाटा दर्ज किया, जिसका मुख्य कारण एकमुश्त असाधारण मद है, जिसमें रिवर्स फ्लिप टैक्स और अनुलाभ कर शामिल हैं, जो सार्वजनिक कंपनी संरचना में परिवर्तन के हिस्से के रूप में किया गया था।

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