चने के आज के भाव
चने के आज के भाव
भारत में सबसे ज्यादा पैदा होने वाली दलहन चना और खपत के लिहाज से भी चना और बेसन की खपत पूर्व-पश्चिम, उत्तर-दक्षिण भारत में जमकर होती है। चना न केवल भारतीय व्यंजनों का मुख्य हिस्सा हैं बल्कि देश की बढ़ती आबादी के लिए प्रोटीन के प्रमुख स्रोत के रूप में भी काम करता है।

चने के दाम
शहर | भाव | अंतर |
---|---|---|
दिल्ली राज. | 5485 | -150 |
दिल्ली एमपी | 5385-5400 | -125 |
अकोला | 5675-5700 | -100 |
जयपुर | 5425 | -175 |
रायपुर | 5650 | -100 |
इंदौर | 5625-5650 | -150 |
नागपुर | - | - |
कानपुर देसी | 5700-5725 | -75 |
हैदराबाद | - | - |
चना एक रबी फसल है जिसका अर्थ है कि यह सर्दी के मौसम में उगाया जाता है। चना अक्टूबर से दिसंबर के बीच बोया जाता है और मार्च से मई के बीच काटा जाता है। चने से प्राप्त प्राथमिक उत्पादों में एक बेसन मुख्य है जिससे विभिन्न प्रकार के व्यंजन और मिठाइयां बनाई जाती है। चने में लगभग 21 फीसदी प्रोटीन, 61.5 फीसदी कार्बोहाइड्रेट और 4.5 फीसदी वसा होता है। इसके अलावा, चना में पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम और आयरन भी होता है।
भारत में चने की खेती विभिन्न राज्यों में की जाती है, मध्य प्रदेश चने के प्रमुख उत्पादक के रूप में जाना जाता है। मध्य प्रदेश देश में कुल चना उत्पादन में अकेले 26.9 फीसदी का योगदान देता है। चना उत्पादन के मामले में महाराष्ट्र दूसरे स्थान पर है, जो राष्ट्रीय कुल उत्पादन में 19.77 फीसदी का योगदान देता है। राजस्थान 19.37 फीसदी चना उत्पादन के साथ तीसरे स्थान पर है और गुजरात, देश के 10.67 फीसदी चना उत्पादन के साथ चौथे स्थान पर है। चना उत्पादन का शेष 25 फीसदी भारत के अन्य राज्यों में होता है।