मुंबई। दक्षिण कोरियाई चैबोल एलजी की सहायक कंपनी एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया लिमिटेड को अपने 15,000 करोड़ रुपए के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए बाजार नियामक सेबी की मंजूरी मिल गई है।
पिछले साल अक्टूबर में हुंडई मोटर्स इंडिया लिमिटेड की लिस्टिंग के बाद यह भारतीय शेयर बाजार में उतरने वाली दूसरी दक्षिण कोरियाई कंपनी होगी।
दिसंबर में एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया ने आईपीओ के लिए सेबी के पास प्रारंभिक दस्तावेज दाखिल किए थे, जिसमें मूल कंपनी 10.18 करोड़ से अधिक शेयर बेचेगी, जो 15 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर है।
मामले से परिचित लोगों ने बताया कि अब कंपनी को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) से अपना सार्वजनिक निर्गम लाने की मंजूरी मिल गई है। कंपनी ने कुल निर्गम आकार का खुलासा नहीं किया, लेकिन उन्होंने कहा कि अनुमानित आईपीओ आकार 15,000 करोड़ रुपए है।
चूंकि सार्वजनिक निर्गम पूरी तरह से बिक्री के लिए प्रस्ताव (ओएफएस) है, इसलिए एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया को आईपीओ से कोई आय नहीं मिलेगी। जुटाई गई धनराशि दक्षिण कोरियाई मूल कंपनी को जाएगी।
पिछले महीने, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स ने अपनी भारतीय इकाई के आगामी आईपीओ के लिए रोड शो शुरू किया।
एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया प्रमुख घरेलू उपकरणों और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स में एक अग्रणी खिलाड़ी है। कंपनी के उत्पाद भारत और विदेशों में B2C और B2B दोनों ग्राहकों को बेचे जाते हैं। यह अपने सभी उत्पादों के लिए स्थापना, मरम्मत और रखरखाव सेवाएं भी प्रदान करता है।
कंपनी वॉशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर, एलईडी टीवी पैनल, इन्वर्टर एयर कंडीशनर और माइक्रोवेव सहित उत्पादों का निर्माण और बिक्री करती है। इसकी नोएडा, उत्तर प्रदेश और पुणे, महाराष्ट्र में मैन्युफैक्चरिंग इकाइयां हैं।
वित्तीय मोर्चे पर, 31 मार्च, 2024 को समाप्त वित्तीय वर्ष के लिए एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया का परिचालन से आय 64,087.97 करोड़ रुपए थी।
मॉर्गन स्टेनली इंडिया, जे पी मॉर्गन इंडिया, एक्सिस कैपिटल, बोफा सिक्योरिटीज इंडिया और सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इंडिया इस इश्यू के लिए बुक-रनिंग लीड मैनेजर हैं।