मुंबई। अमेरिकी रोजगार और महंगाई के आंकड़ों से पहले डॉलर इंडेक्स स्थिर कारोबार करता दिखा। मंगलवार को डॉलर इंडेक्स मामूली 0.01 फीसदी बढ़कर 96.75 पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर USD-INR 25 फरवरी फ्यूचर्स 0.17 फीसदी घटकर 90.6200 पर बंद हुआ।
पृथ्वी फिनमार्ट के कमोडिटी डाइरेक्टर मनोज कुमार जैन का कहना है कि अमेरिका के रिटेल सेल्स और कोर रिटेल सेल्स के निराशाजनक आंकड़ों से डॉलर को खास समर्थन नहीं मिला। साथ ही अमेरिकी 10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड में गिरावट ने भी डॉलर की मजबूती को सीमित रखा। वैश्विक वित्तीय बाजारों में उतार-चढ़ाव, अमेरिका में आंशिक शटडाउन और भू-राजनीतिक तनाव के बीच इस सप्ताह डॉलर इंडेक्स 95.55–99.20 के दायरे में रह सकता है।
दूसरी ओर, घरेलू शेयर बाजार में रिकवरी और डॉलर की कमजोरी से रुपया निचले स्तरों से संभला है। अमेरिका-भारत व्यापार समझौते से जुड़ी सकारात्मक खबरों ने भी रुपए को सहारा दिया है। हालांकि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और रूस से तेल खरीद पर 25 फीसदी टैरिफ की अमेरिकी चेतावनी रुपए की मजबूती को सीमित कर सकती है। इस सप्ताह USD-INR पेयर 89.4000–92.0000 के दायरे में रह सकती है।
तकनीकी दृष्टिकोण: जैन का कहना है कि डेली चार्ट पर USD-INR फरवरी फ्यूचर्स ऊपरी स्तरों से मुनाफावसूली दिखा रहा है। कीमत 90.8800 के मूविंग एवरेज सपोर्ट के नीचे ट्रेड कर रही है। RSI 50 से नीचे है और MACD में निगेटिव क्रॉसओवर दिख रहा है, जो कमजोरी का संकेत है। निकट सपोर्ट 90.4000–90.1500 और रेजिस्टेंस 90.8800–91.0200 पर है। 90.4400–91.0200 के स्तरों पर नजर रखते हुए ताजा पोजिशन लें; किसी भी ओर ब्रेकआउट आगे की दिशा तय करेगा।



